सिमुलतला रेलवे स्टेशन पर खुला नागार्जुन हिंदी पुस्तकालय, साहित्य प्रेमियों में उत्साह

साहित्य और संस्कृति की धरती सिमुलतला में बौद्धिक चेतना को नया आयाम देते हुए स्थानीय रेलवे स्टेशन परिसर में ‘नागार्जुन हिंदी पुस्तकालय’ का उद्घाटन किया गया

सिमुलतला.

साहित्य और संस्कृति की धरती सिमुलतला में बौद्धिक चेतना को नया आयाम देते हुए स्थानीय रेलवे स्टेशन परिसर में ‘नागार्जुन हिंदी पुस्तकालय’ का उद्घाटन किया गया. पुस्तकालय खुलने से रेल कर्मियों के साथ-साथ स्थानीय पुस्तक प्रेमियों में भी उत्साह का माहौल है. पुस्तकालय उद्घाटन से पूर्व स्टेशन परिसर में त्रैमासिक राजभाषा क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता राजभाषा क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष सह स्टेशन प्रबंधक अखिलेश कुमार ने की. इस दौरान सरकारी कामकाज में हिंदी के बढ़ते प्रयोग एवं इसके सरलीकरण पर विस्तार से चर्चा हुई.कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पार्षद सदस्य विभा सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पार्षद प्रतिनिधि आलोक राज उपस्थित रहे. फीता काटकर पुस्तकालय का उद्घाटन करते हुए विभा सिंह ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर पुस्तकालय की स्थापना एक सराहनीय पहल है. इससे यात्रियों को समय का सदुपयोग करने का अवसर मिलेगा और नई पीढ़ी मातृभाषा व साहित्य से जुड़ सकेगी. कार्यक्रम का संचालन संयोजक डीएन कामती ने किया, जबकि राजभाषा वरीय अनुवादक के मार्गदर्शन में पुरुषोत्तम गुप्ता ने कार्यक्रम की रूपरेखा को सफल बनाया. मौके पर एरिया मैनेजर राम गोपाल सिंह, सहायक अभियंता टीआरडी डी.के. सिंह, सहायक अभियंता आर.बी. महतो, ट्रैफिक निरीक्षक यूके चौधरी समेत कई अधिकारियों ने पुस्तकालय को ज्ञान का केंद्र बताते हुए हिंदी के प्रचार-प्रसार में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला.इस अवसर पर नागार्जुन की रचनाओं का कविता पाठ एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. वहीं, पुस्तकालय का अध्यक्ष उप स्टेशन प्रबंधक अभिनेक कुमार को बनाया गया.

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