बरहट. प्रखंड क्षेत्र के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डाढ़ा की स्थिति इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही है.अस्पताल का हाल ऐसा है कि यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सुविधा के बजाय अव्यवस्था और लापरवाही का सामना करना पड़ रहा है. मरीजों के लिए बनाये गये वार्ड रूम में दवा के कार्टन में इधर-उधर बिखरे हैं, जबकि दवाओं के सुरक्षित रख-रखाव के लिए बना स्टोर रूम ताले में बंद है. यह स्थिति न केवल प्रबंधन की विफलता को दर्शाती है, बल्कि दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रही है. वहीं अस्पताल का प्रसव कक्ष भी महज औपचारिकता बनकर रह गया है. यहां प्रसव की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को मजबूरन दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है.बुनियादी जांच सुविधाएं भी ठीक नहीं है. अस्पताल कर्मियों के अनुसार ग्लूकोमीटर के अभाव में मरीजों का आरबीएस जांच नहीं हो पा रहा है. जबकि रोजाना दर्जनभर से अधिक मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं. ऐसे में बिना जांच के ही मरीजों का उपचार करना पड़ रहा है. अस्पताल की सबसे चिंताजनक पहलू सफाई व्यवस्था है. सफाई कर्मी के अभाव में एनएम को खुद झाड़ू उठाकर अस्पताल की सफाई करनी पड़ रही है. स्वास्थ्य सेवा देने वाली कर्मी से सफाई कार्य कराना व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है. पंचायत के समिति सदस्य सुमित कुमार सिंह ने कहा अस्पताल की समस्या को लेकर कई बार स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया गया. लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. इससे साफ है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या के प्रति उदासीन बने हुए हैं.वहीं इस संबंध में प्रभारी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने कहा कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है और उन्हें अस्पताल की मौजूदा स्थिति की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा की जल्द ही अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
वार्ड में बिखरी दवा, स्टोर में ताला, एएनएम के भरोसे सफाई व्यवस्था
प्रखंड क्षेत्र के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डाढ़ा की स्थिति इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही है.
