42 साल से इतिहास सहेज रहे जमुई के कृष्णकांत, घर में बना रखा है दुर्लभ सिक्कों का अनोखा खजाना
Jamui News : जहां लोग पुराने सिक्कों को कबाड़ समझकर फेंक देते हैं, वहीं जमुई के कृष्णकांत मिश्रा ने इन्हीं सिक्कों में इतिहास की अनमोल विरासत खोज ली. उनके घर में मुगलकाल से लेकर ब्रिटिश शासन और विदेशी देशों तक के दुर्लभ सिक्कों का ऐसा संग्रह है, जिसे देखकर इतिहास प्रेमी भी हैरान रह जाते हैं.
जमुई से गुलशन कश्यप की रिपोर्ट : जमुई के मलयपुर निवासी कृष्णकांत मिश्रा पिछले 42 वर्षों से पुराने और ऐतिहासिक सिक्कों का संग्रह कर रहे हैं. उनके पास करीब 200 से अधिक दुर्लभ सिक्कों का अनोखा कलेक्शन मौजूद है, जिसमें मुगलकाल, अंग्रेजी शासन, महारानी विक्टोरिया, किंग एडवर्ड और कई विदेशी देशों के सिक्के शामिल हैं. उनका यह संग्रह अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.
एक पुराने सिक्के ने बदल दी जिंदगी
कृष्णकांत मिश्रा बताते हैं कि सिक्कों को संग्रहित करने का शौक उन्हें छात्र जीवन में लगा. जब वह 11वीं कक्षा में पढ़ते थे, तब किसी परिचित ने उन्हें एक पुराना सिक्का दिया था. वही सिक्का उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ.इसके बाद जहां भी उन्हें कोई अलग या दुर्लभ सिक्का दिखाई देता, वह उसे अपने संग्रह में शामिल करने की कोशिश करते. धीरे-धीरे यह शौक जुनून में बदल गया और आज उनके घर में इतिहास का अनमोल खजाना सजा हुआ है.
मुगलकाल से विदेशी मुद्राओं तक का अनोखा संग्रह
कृष्णकांत मिश्रा के संग्रह में मुगलकालीन सिक्कों के साथ-साथ अंग्रेजी शासनकाल की मुद्राएं भी सुरक्षित हैं. उनके पास महारानी विक्टोरिया और किंग एडवर्ड के समय के दुर्लभ सिक्के भी मौजूद हैं.इतना ही नहीं, उन्होंने नेपाल, जापान, जर्मनी, फ्रांस और मक्का सहित कई देशों के सिक्के भी वर्षों की मेहनत से जुटाए हैं.उनके पास ऐसे धातु के टुकड़े भी हैं, जिनका इस्तेमाल उस दौर में लेन-देन के लिए किया जाता था, जब आधुनिक मुद्रा प्रणाली अस्तित्व में नहीं थी.
बिना इंटरनेट के जुटाई ऐतिहासिक जानकारी
कृष्णकांत बताते हैं कि आज इंटरनेट पर सिक्कों की जानकारी आसानी से मिल जाती है, लेकिन चार दशक पहले ऐसा नहीं था. उस समय किसी सिक्के के इतिहास को जानने के लिए उन्हें पुस्तकालयों में घंटों बैठना पड़ता था.कई बार वह दूसरे शहरों तक सिर्फ इसलिए जाते थे कि वहां कोई ऐसा व्यक्ति है, जिसे पुराने सिक्कों की जानकारी हो. उनके जुनून को देखकर कई लोगों ने अपने पास रखे दुर्लभ सिक्के भी उन्हें सौंप दिए.
“हर सिक्के के पीछे छिपी है एक कहानी”
कृष्णकांत मिश्रा कहते हैं कि हर पुराने सिक्के के पीछे इतिहास की एक कहानी छिपी होती है और वही कहानी उन्हें इस काम से जोड़े रखती है. उनका मानना है कि यह सिर्फ शौक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास और विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी है.मलयपुर में उनका यह अनोखा संग्रह अब लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है और इतिहास प्रेमियों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.