JEEViKA News: जमुई. बिहार के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है. शनिवार को जमुई में बिहार ग्रामीण बैंक और जीविका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समन्वय बैठक में स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं तक आसान और समय पर बैंक ऋण पहुंचाने पर जोर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि बैंक और जीविका के बेहतर तालमेल से न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
बैठक में जमुई और लखीसराय जिले के सभी प्रखंडों के जीविका बीपीएम, बिहार ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक, बैंक मित्र दीदियां और संकुल संघ की अध्यक्षों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंककर्मियों, जीविका कर्मियों और बैंक मित्र दीदियों को सम्मानित भी किया गया.
बैंक लिंकेज मजबूत करने पर रहा विशेष फोकस
कार्यक्रम का उद्घाटन जीविका के राज्य परियोजना प्रबंधक (बैंक लिंकेज) पुष्पेंद्र सिंह तिवारी, बिहार ग्रामीण बैंक के जोनल मैनेजर दीपक कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक अमरदीप, सीसीपीसी क्रेडिट मैनेजर अभिषेक कुमार, जमुई के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) संजय कुमार और लखीसराय की डीपीएम अनीता कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
बैठक का मुख्य उद्देश्य बैंक लिंकेज व्यवस्था को और प्रभावी बनाना तथा स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाना था.
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर
राज्य परियोजना प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह तिवारी ने कहा कि जीविका और बैंक की साझेदारी ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में जीविका दीदियां अब छोटे व्यवसाय, पशुपालन, खेती और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के जरिए अपनी आय बढ़ा रही हैं.
उन्होंने अधिकारियों से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने और ऋण की मासिक किस्त हर महीने की 10 तारीख तक जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया.
नए समूहों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने की पहल
बिहार ग्रामीण बैंक के जोनल मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि बैंक जीविका समूहों के लिए कई वित्तीय योजनाएं चला रहा है. उन्होंने कहा कि प्राथमिकता नए स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार शुरू कर सकें.
उन्होंने कहा कि बैंक और जीविका का संयुक्त प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
जीविका से बदली जिंदगी, महिलाओं ने साझा किए अनुभव
बैठक में नारीशक्ति संकुल संघ की अध्यक्ष रीना रानी और उपकार संकुल संघ की अध्यक्ष बिंदु देवी ने जीविका से जुड़ने के बाद अपने जीवन में आए बदलावों को साझा किया.
उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद न केवल आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बल्कि बैंकिंग प्रणाली की समझ भी विकसित हुई और आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई. अब वे अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं.
JEEViKA News: समय पर ऋण मिलेगा तो बढ़ेगा स्वरोजगार
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि यदि स्वयं सहायता समूहों को समय पर बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर तेजी से बढ़ सकते हैं. इससे महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.
अधिकारियों ने बैंक लिंकेज प्रक्रिया को और सरल, पारदर्शी एवं तेज बनाने पर जोर दिया, ताकि किसी भी पात्र समूह को ऋण प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले बिहार ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधकों, जीविका कर्मियों और बैंक मित्र दीदियों को सम्मानित किया गया.
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