जमुई से पंकज कुमार सिंह की रिपोर्ट
JanKalyan Shivir: चकाई प्रखंड के सुदूरवर्ती गांवों से काफी संख्या में दिव्यांगजन अंबेडकर भवन स्थित शिविर में समय पर पहुंच गए थे. लेकिन निर्धारित समय पर न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही कोई जिम्मेदार पदाधिकारी. आधार कार्ड बनवाने आए लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा. कई बुजुर्ग और दिव्यांग लोग जमीन पर बैठकर चिकित्सकों के आने का इंतजार करते रहे.
मरीजों के लिए पानी की व्यवस्था तक नहीं
गर्मी के मौसम में आयोजित इस शिविर में पीने के पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं थी. दिव्यांगों के साथ आए परिजन भी परेशान दिखे. दोपहर तक इंतजार लंबा होने पर लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी. भीड़ बढ़ने के कारण कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी.
डॉक्टरों के पहुंचने के बाद शुरू हुआ काम
करीब साढ़े चार घंटे की देरी के बाद चिकित्सकों की टीम शिविर में पहुंची, जिसके बाद पंजीकरण और जांच की प्रक्रिया शुरू हो सकी. हालांकि देर से शुरू हुए शिविर में शाम तक भी सभी दिव्यांगों का काम पूरा नहीं हो पाया. इससे कई लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा.
प्रशासन और डॉक्टरों ने बताई देरी की वजह
मामले पर पूछे जाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी मनीष आनंद ने कहा कि डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति जिला स्तर से की जाती है. चिकित्सकों के विलंब से पहुंचने की सूचना वरीय अधिकारियों को दी जाएगी. वहीं चिकित्सक डॉ. अमित कुमार, डॉ. गौरव हेंब्रम, डॉ. मनीषी आनंद और डॉ. साजिद हुसैन ने बताया कि रास्ते में सड़क दुर्घटना के कारण लंबा जाम लग गया था. उनकी गाड़ी उसी जाम में फंस गई थी, जिसके कारण वे समय पर नहीं पहुंच सके.
दिव्यांगों ने उठाए सवाल, बेहतर व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में आयोजित होने वाले दिव्यांग शिविरों में समयबद्धता और मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए. उनका कहना है कि भीषण गर्मी में दिव्यांगजनों को घंटों इंतजार करवाना संवेदनहीनता को दर्शाता है. लोगों ने ऐसे शिविरों में पानी, बैठने की व्यवस्था और समय पर चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है.
