जमुई से पंकज कुमार सिंह की रिपोर्ट
Jamui Weather: गुरुवार को सुबह 8 बजे ही तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. दिन चढ़ने के साथ गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं. दोपहर के समय सड़कें लगभग सुनसान दिखीं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले. मौसम की यह स्थिति पिछले कई दिनों से बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
गिरते जलस्तर ने बढ़ाई लोगों की चिंता
लगातार पड़ रही गर्मी के कारण तालाब, पोखर और छोटी नदियों का जलस्तर तेजी से घट रहा है. इसका सीधा असर भू-जल स्तर पर पड़ रहा है. शहर के कई मोहल्लों में जलस्तर पांच फीट से अधिक नीचे चला गया है. नतीजतन कई घरों में लगे मोटर और सबमर्सिबल पंप पानी देना बंद कर चुके हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है.
स्कूली बच्चों पर पड़ रहा सबसे ज्यादा असर
तेज धूप और लू का असर सबसे अधिक स्कूली बच्चों पर देखने को मिल रहा है. दोपहर में स्कूल से लौटने वाले बच्चे डिहाइड्रेशन और थकावट की समस्या से जूझ रहे हैं. कई अभिभावकों ने बच्चों की तबीयत खराब होने की शिकायत की है. स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालयों का संचालन सुबह 10 बजे तक तथा उससे ऊपर की कक्षाओं का संचालन 11 बजे तक करने का निर्देश दिया है.
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
भीषण गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है. सदर अस्पताल और निजी क्लीनिकों में बुखार, उल्टी-दस्त, सर्दी-खांसी, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ गई है. चिकित्सकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है.
सिविल सर्जन ने जारी की सलाह
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार सिंह ने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, ओआरएस का सेवन करें, खाली पेट बाहर न जाएं और धूप में निकलते समय सिर को ढंककर रखें. तबीयत खराब होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह भी दी गई है.
