NEET Success Story: दोस्ती अगर मेहनत, भरोसे और एक जैसे सपनों पर टिकी हो तो वह सिर्फ साथ नहीं निभाती, बल्कि मंजिल तक भी पहुंचाती है. बिहार के जमुई जिले के दो जिगरी दोस्त हर्षित कुमार और आदित्य कुमार ने इसकी मिसाल पेश की है. नर्सरी से लेकर कोटा तक साथ पढ़ाई करने वाले इन दोनों दोस्तों ने एक साथ NEET परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. हर्षित को ऑल इंडिया रैंक 2757 और आदित्य को ऑल इंडिया रैंक 13437 मिली है. रिजल्ट आने के बाद दोनों परिवारों और पूरे शहर में खुशी का माहौल है.
दोनों की सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह वर्षों की दोस्ती, अनुशासन और लगातार मेहनत का परिणाम है. यही वजह है कि उनकी कहानी अब जमुई के छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है.
साइकिल दुकान और खेती से निकला डॉक्टर बनने का सपना
हर्षित कुमार के पिता उमाशंकर भगत शहर के महाराजगंज में साइकिल की दुकान चलाते हैं. परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. हर्षित की मां गृहिणी हैं. परिवार के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि हर्षित के बड़े भाई ने भी चार वर्ष पहले NEET में सफलता हासिल की थी.
वहीं आदित्य कुमार के पिता धर्मपाल कुमार किसान हैं. खेती-बाड़ी से परिवार चलाते हुए उन्होंने बेटे की शिक्षा को प्राथमिकता दी. आदित्य की मां भी गृहिणी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटे के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने में हर संभव सहयोग किया.
नर्सरी से शुरू हुई दोस्ती, कोटा तक साथ जारी रही तैयारी
हर्षित और आदित्य की दोस्ती शहर के संत जोसेफ स्कूल, जमुई से शुरू हुई. दोनों ने नर्सरी से लेकर 10वीं तक की पढ़ाई एक साथ की.
वर्ष 2022 में आईसीएसई बोर्ड की 10वीं परीक्षा में दोनों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. इसके बाद दोनों ने बिहार बोर्ड से 12वीं की पढ़ाई पूरी की और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए राजस्थान के कोटा का रुख किया.
कोटा स्थित एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट में दोनों ने साथ रहकर तैयारी की. एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया और कठिन दौर में भी लक्ष्य से नहीं डिगे. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और दोनों ने देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में सफलता हासिल कर ली.
परिवार ने कहा, मेहनत और लगन की मिली जीत
हर्षित के पिता उमाशंकर भगत ने कहा कि बेटे की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार को गर्व है. उन्होंने बताया कि हर्षित ने कोटा में रहकर पूरी लगन और मेहनत से पढ़ाई की, जिसका परिणाम आज पूरे परिवार के सामने है.
वहीं आदित्य के पिता धर्मपाल कुमार ने कहा कि उनका बेटा बचपन से पढ़ाई में अव्वल रहा है. 10वीं में शानदार अंक लाने के बाद उसने डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय कर लिया था. आज उसकी सफलता पूरे परिवार के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है.
पूरे शहर में बधाई देने वालों की लगी भीड़
जैसे ही दोनों दोस्तों के NEET में सफल होने की खबर फैली, महाराजगंज और भाटचक स्थित उनके घरों पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर्षित और आदित्य ने यह साबित कर दिया कि सही दिशा, मजबूत इरादे और सच्ची दोस्ती किसी भी मंजिल को आसान बना सकती है.
उनकी सफलता अब जमुई ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देख रहे हैं.
NEET Success Story: दोनों छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी शानदार
हर्षित कुमार ने वर्ष 2022 में आईसीएसई बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 94.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे. इसके बाद 2024 में बिहार बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 84.8 प्रतिशत अंक हासिल किए. अब उन्होंने NEET में ऑल इंडिया रैंक 2757 प्राप्त की है.
आदित्य कुमार ने 10वीं में 98 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. 12वीं बिहार बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 89.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. NEET में उनकी ऑल इंडिया रैंक 13437 रही.
Also Read: हाजीपुर से चिराग पासवान ने कर दिया ऐलान, यूपी की सभी 403 सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार
