गिद्धौर (जमुई) : मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) के संचालन में लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों पर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की मध्याह्न भोजन योजना शाखा ने पत्रांक 756, दिनांक 10 सितंबर 2026 के माध्यम से जिले के सौ से अधिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है.
ई-शिक्षा एप की समीक्षा में सामने आयी लापरवाही
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना नितेश कुमार की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि 9 सितंबर को ई-शिक्षा एप की समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई विद्यालयों की ओर से मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित दैनिक छात्र संख्या और भोजन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या की एंट्री निर्धारित समय पर नहीं की गयी थी.
इसी लापरवाही को लेकर संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
गिद्धौर के कई स्कूल भी सूची में
विभाग की ओर से जारी सूची में बरहट, सोनो, झाझा और गिद्धौर प्रखंड के कई विद्यालय शामिल हैं. गिद्धौर प्रखंड से मध्य विद्यालय मौरा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनियाठिका उर्दू, उत्क्रमित मध्य विद्यालय थरघटिया और मध्य विद्यालय केवाल समेत कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से जवाब मांगा गया है.
जिले में ऐसे विद्यालयों की संख्या सौ से अधिक बतायी गयी है.
रोजाना अपलोड करनी होगी एमडीएम की जानकारी
विभागीय निर्देश के अनुसार मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित आंकड़ों को प्रतिदिन अनिवार्य रूप से ई-शिक्षा एप पर अपलोड करना है. संबंधित विद्यालयों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्पष्टीकरण भी प्रखंड स्तर पर जमा करना होगा, ताकि दर्ज किये गये आंकड़ों के सत्यापन की प्रक्रिया लंबित न रहे.
पत्र की प्रतिलिपि सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पीएम पोषण और जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी सूचना के लिए भेजी गयी है.
लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई के संकेत
विभाग ने विद्यालयों को एमडीएम से जुड़े आंकड़ों की ऑनलाइन एंट्री समय पर करने का निर्देश दिया है. स्पष्टीकरण के बाद संबंधित प्रधानाध्यापकों की ओर से बरती गयी लापरवाही की स्थिति स्पष्ट होगी. मामले में आगे विभागीय स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है.
