Jamui Murder Case: जमुई. जमुई पुलिस द्वारा त्वरित अनुसंधान के तहत जुटाए गए साक्ष्यों और न्यायालय में समर्पित चार्जशीट के आधार पर हत्या के एक मामले में दोषी को सजा मिली है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम के न्यायालय ने गुरुवार को सिकंदरा थाना कांड संख्या 109/22 की सुनवाई करते हुए सिकंदरा थाना क्षेत्र के गौहर नगर निवासी कामेश्वर पासवान के पुत्र अजीत पासवान उर्फ अजीत कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
हत्या मामले में आजीवन कारावास और अर्थदंड
न्यायालय ने हत्या के मामले में दोषी अजीत पासवान उर्फ अजीत कुमार को आजीवन कारावास के साथ 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को 30 दिनों का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
आर्म्स एक्ट में भी तीन साल की सजा
हत्या के मामले के साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी न्यायालय ने दोषी को तीन वर्ष के साधारण कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. अर्थदंड जमा नहीं करने पर सात दिनों का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा.
अभियोजन पक्ष ने रखे साक्ष्य
मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक चन्द्रभानु सिंह ने न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष रखा. पुलिस द्वारा मामले में त्वरित अनुसंधान करते हुए साक्ष्य जुटाए गए और चार्जशीट न्यायालय में समर्पित की गई, जिसके बाद मामले का त्वरित विचारण हुआ.
त्वरित अनुसंधान से मिली सजा
Jamui Murder Case: जमुई पुलिस ने न्यायालय के फैसले को त्वरित अनुसंधान एवं त्वरित विचारण के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों को समय पर जुटाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने से मामले के निष्पादन में तेजी आयी.
