जमुई, खैरा. जिला पदाधिकारी के निर्देश पर विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम ने शनिवार को +2 उच्च विद्यालय, खैरा में मॉक ड्रिल आयोजित किया. इस दौरान छात्र-छात्राओं और विद्यालय कर्मियों को विभिन्न आपदाओं से बचाव और सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गयी. वज्रपात, डूबने, लू व हीटवेव, भूकंप और अग्निकांड जैसी आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और त्वरित प्रतिक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
सुरक्षित निकासी और प्राथमिक उपचार का कराया अभ्यास
एनडीआरएफ की टीम ने आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, बचाव एवं राहत कार्यों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनायी जाने वाली प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन किया. विद्यार्थियों और विद्यालय कर्मियों को बताया गया कि आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य और सजगता के साथ सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए.
आपात स्थिति में दूसरों की मदद करने का बताया तरीका
मॉक ड्रिल के दौरान विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि आपात स्थिति में पहले स्वयं को सुरक्षित रखते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद किस प्रकार की जा सकती है. एनडीआरएफ टीम ने विभिन्न परिस्थितियों में त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया के महत्व को समझाया.
आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाना उद्देश्य
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय स्तर पर आपदा प्रबंधन और जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जागरूकता बढ़ाना तथा छात्र-छात्राओं और विद्यालय कर्मियों की आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करना रहा. प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के दौरान सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गयी.
जिले के अन्य विद्यालयों में भी जारी है पहल
जिला प्रशासन की ओर से विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम और मॉक ड्रिल आयोजित किए जा रहे हैं. इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं और विद्यालय कर्मियों को आपदा के दौरान सुरक्षा, बचाव और त्वरित प्रतिक्रिया के उपायों के प्रति जागरूक करने की पहल जारी है.
