Jamui Health Alert: जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट.जमुई जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और मौसम में हो रहे बदलाव का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है. सदर अस्पताल में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गयी है. खासकर दस्त, उल्टी, पेट दर्द, वायरल बुखार और सांस संबंधी परेशानी वाले मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं. बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक इमरजेंसी वार्ड में दो दर्जन से अधिक मरीजों का इलाज किया गया, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही.
गर्मी और लापरवाही बन रही बीमारी की वजह
अस्पताल सूत्रों के अनुसार तेज गर्मी में खान-पान को लेकर बरती जा रही लापरवाही लोगों को तेजी से बीमार कर रही है. दूषित पानी पीने, लंबे समय तक धूप में रहने और बाहर का खुला भोजन खाने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कई मरीज डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे, जिन्हें तुरंत भर्ती कर सलाइन चढ़ाया गया.
इमरजेंसी वार्ड में रातभर मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ लगी रही. अस्पताल कर्मियों को लगातार मरीजों की देखभाल में जुटे रहना पड़ा. डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है, जिससे कमजोरी, चक्कर और पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं.
सांस के मरीजों की बढ़ी परेशानी
भीषण गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम का असर सांस संबंधी मरीजों पर भी दिख रहा है. बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है. अस्पताल पहुंचे कई मरीजों ने सांस लेने में परेशानी, घबराहट और कमजोरी की शिकायत की.
इमरजेंसी कक्ष में ड्यूटी पर मौजूद डॉ अंशुल अनुराग ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव के कारण वायरल संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है. उन्होंने लोगों को बाहर का खाना खाने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और ताजा भोजन करने की सलाह दी.
डॉक्टरों ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
चिकित्सकों ने लोगों से दोपहर की तेज धूप से बचने, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा किसी भी परेशानी पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है. अस्पताल प्रशासन ने भी इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही है.
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