निर्दोष को फंसाने की धमकी देकर वसूली के आरोप में दरोगा व चौकीदार निलंबित

पुलिस महकमे की छवि को धूमिल करने वाले एक गंभीर मामले में पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने खैरा थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक जयश्री व चौकीदार आशीष तांती को सोमवार को निलंबित कर दिया है.

जमुई. पुलिस महकमे की छवि को धूमिल करने वाले एक गंभीर मामले में पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने खैरा थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक जयश्री व चौकीदार आशीष तांती को सोमवार को निलंबित कर दिया है. दोनों पर एक निर्दोष व्यक्ति को केस में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली करने का आरोप है. इस मामले में ट्रांजेक्शन का फोटो और टेक्स्ट मैसेज सामने आने के बाद विभाग हरकत में आया और तत्काल जांच का आदेश दिया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सतीश सुमन को सौंपी गयी, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की. जांच के दौरान पीड़ित सोमदेव गोस्वामी और उनकी मां संजू देवी सहित संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किये गये. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों पुलिसकर्मियों ने खैरा थाना के एक मारपीट मामले में फंसाने का भय दिखाकर एक निजी व्यक्ति के माध्यम से 7,500 रुपये की अवैध वसूली करवाई. साथ ही चौकीदार द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित को डराने-धमकाने की बात भी सामने आयी. वहीं दरोगा जयश्री पर फोन कॉल के जरिये इस अवैध लेन-देन को सहमति देने और एक निजी व्यक्ति को जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप कराने का आरोप भी सही पाया गया. एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट में दोनों कर्मियों के आचरण को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन बताया गया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यह कृत्य न केवल पीड़ित परिवार के उत्पीड़न का मामला है, बल्कि इससे आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास भी कमजोर होता है. इसके आधार पर एसपी ने जारी आदेश में दोनों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कर्तव्य के प्रति लापरवाही, भ्रष्ट आचरण और विभागीय अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय पुलिस केंद्र, जमुई निर्धारित किया गया है.

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By AMIT KUMAR SINH

AMIT KUMAR SINH is a contributor at Prabhat Khabar.

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