जमुई . केंद्रीय जल आयोग की ओर से संचालित डैम सुरक्षा पुनरीक्षण पैनल के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को अपर किऊल जलाशय की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया. जमुई सिंचाई अंचल के अधीक्षण अभियंता ई दिपेंद्र कुमार रजक ने बताया कि फेज-थ्री के तहत संचालित इस निरीक्षण अभियान में पैनल के अध्यक्ष सह रूपांकन विशेषज्ञ शैलेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में भूगर्भशास्त्री श्याम लाल कपिल, हाइड्रोलॉजिस्ट राजेंद्र चाली सगांवकर, तकनीकी विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव, इंस्ट्रूमेंटेशन विशेषज्ञ समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे. उन्होंने बताया कि निरीक्षण दल ने जलाशय क्षेत्र का परिभ्रमण व अवलोकन करते हुए बांध की संरचनात्मक सुरक्षा, जलग्रहण क्षेत्र, डिस्चार्ज व्यवस्था एवं अलर्ट सिस्टम की गहन समीक्षा की. इस दौरान पैनल ने जलाशय की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त किया, साथ ही संबंधित पदाधिकारियों को 24×7 निगरानी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया. डैम सुरक्षा अधिनियम 2021 के तहत कार्य कर रहे इस पैनल के अध्यक्ष शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पैनल का मुख्य उद्देश्य देश के सभी निर्दिष्ट बांधों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करना, आपात स्थिति से पूर्व ही जोखिम का आकलन कर आवश्यक कदम उठाना है. उन्होंने बताया कि टीम ने बांध सुरक्षा सूचकांक, भूकंपीय संरचनात्मक विश्लेषण, जीआईएस, फ्लड रूटिंग जैसे तकनीकी सॉफ्टवेयर के माध्यम से निरीक्षण किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि डैम की सुरक्षा केवल संरचनात्मक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे हजारों लोगों की जान-माल सुरक्षित रहती है. उन्होंने कहा कि आपातकालीन कार्य योजनाओं, विशेषकर बाढ़ चेतावनी प्रणाली को समय-समय पर अद्यतन करना आवश्यक है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके. निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिलास्तरीय अभियंताओं को बांध सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सख्त हिदायत दी. मौके पर कार्यपालक अभियंता ई गौतम कुमार समेत अन्य कई विभागीय अधिकारी व जल संसाधन विभाग के कर्मी उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
