जमुई, चंद्रमंडीह. चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र की कियाजोरी पंचायत के पेसरहा गांव में बलियाडावर बालू घाट पर डूबने से सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गयी. मृतका की पहचान तारणी शाह की पुत्री सीमा कुमारी के रूप में हुई है. बच्ची की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. ग्रामीणों ने हादसे के लिए बालू घाट पर कथित अवैध और बेतरतीब तरीके से की जा रही खुदाई को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
नदी की तलहटी में 15 से 20 फीट तक गहरे गड्ढे का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि बालू के अवैध उठाव के लिए नदी की तलहटी में जगह-जगह 15 से 20 फीट तक गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं. इन गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वे बेहद खतरनाक हो गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बालू निकालने के दौरान नदी के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ की गयी, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं किया गया. ग्रामीणों के अनुसार पानी से भरे इन्हीं गहरे गड्ढों के कारण हादसा हुआ और मासूम सीमा कुमारी की जान चली गयी.
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी और पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी मनीष आनंद, अंचल अधिकारी राजकिशोर साह और चंद्रमंडीह थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया और परिजनों से घटना की जानकारी ली. बच्ची की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस और प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर रखे हुए है.
मुआवजा और बालू घाट बंद कराने की मांग
ग्रामीणों ने मृत बच्ची के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. इसके साथ ही बलियाडावर बालू घाट पर कथित अवैध खुदाई की जांच कराने और घाट को तत्काल बंद कराने की मांग भी उठायी गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी में बने गहरे गड्ढों और अवैध बालू उठाव पर समय रहते रोक नहीं लगायी गयी तो भविष्य में इससे भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
कार्रवाई और जिम्मेदारी को लेकर उठ रहे सवाल
मासूम की मौत के बाद ग्रामीण यह सवाल उठा रहे हैं कि नदी में इतने गहरे गड्ढे किसकी अनुमति से बनाए गए और बालू उठाव की निगरानी किस स्तर पर हो रही थी. ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. हालांकि, बालू घाट पर अवैध खुदाई के आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि होना अभी बाकी है. जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
घटनास्थल पर तनाव और आक्रोश का माहौल
फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस घटनास्थल पर मौजूद हैं. अधिकारियों की ओर से परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है. बच्ची की मौत के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है.
