बाल बंदियों के बेहतर भविष्य पर जोर, सीजेएम ने किशोर न्याय बोर्ड की व्यवस्थाओं को परखा
JAMUI NEWS : जमुई में सीजेएम दिलीप कुमार राय ने किशोर न्याय बोर्ड का औचक निरीक्षण कर बाल बंदियों की सुविधाओं, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने किशोरों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को बेहतर पुनर्वास एवं सुधारात्मक वातावरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
जेएम ने किशोर न्याय बोर्ड का औचक निरीक्षण कर बाल बंदियों की सुविधाओं, सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्थाओं की समीक्षा की
जमुई. किशोर न्याय प्रणाली को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) दिलीप कुमार राय ने किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाल बंदियों के रहन-सहन, खान-पान, स्वच्छता, सुरक्षा तथा उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की गहन समीक्षा की. सीजेएम ने वहां रह रहे किशोरों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली. उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि कानून के दायरे में रहकर प्रत्येक बाल बंदी को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुधारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
बाल अधिकारों की सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
निरीक्षण के दौरान जेजेबी की प्रधान मजिस्ट्रेट मनीषा कुमारी व अन्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए सीजेएम ने कहा कि किशोरों के पुनर्वास, शिक्षा, परामर्श और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल अधिकारों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने पर दिया जोर
सीजेएम ने कहा कि नियमित निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की जांच करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि किशोरों को सुधार और मुख्यधारा में लौटने का बेहतर अवसर मिले. उन्होंने अधिकारियों को संस्थान की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सतत प्रयास करने का निर्देश दिया. प्रशासनिक स्तर पर किए गए इस निरीक्षण को किशोर न्याय व्यवस्था को मजबूत करने और बाल बंदियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. इससे संस्थान में सुधारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किशोरों के सर्वांगीण विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा.