बरहट. नुमर पंचायत के वार्ड नंबर दो में बदहाल व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है. प्राथमिक विद्यालय केवाल के मुख्य द्वार पर पिछले पांच महीनों से नाली का गंदा पानी बह रहा है. जिससे स्कूल आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हालात ऐसे हैं कि हर दिन बच्चों को कीचड़ और दूषित पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है. गंदगी और जलजमाव के कारण संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. कई बार बच्चे और बुजुर्ग इस फिसलन भरे रास्ते पर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं. स्थानीय ग्रामीण गणेश कुमार, मनीष कुमार भारती, छोटू कुमार, संजय भारती, मनोज दास, कमलेश कुमार और आशीष कुमार ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत मुखिया और प्रखंड अधिकारियों से शिकायत की गयी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी के लिए नाली है ही नहीं और जो पुरानी नाली बनी है, वह जर्जर हालत में है. जिससे पानी का बहाव रुक गया है. नतीजतन हल्की बारिश में भी पूरा रास्ता जलमग्न हो जाता है और लोगों को कीचड़ में चलने को मजबूर होना पड़ता है. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अगले सप्ताह गांव में एक शादी है और बारातियों के स्वागत को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं. आखिर कीचड़ और गंदे पानी के बीच मेहमानों का स्वागत कैसे होगा.क्या कहते हैं प्रखंड विकास पदाधिकारी
इस मामले पर प्रखंड विकास पदाधिकारी एसके पांडेय ने कहा कि पंचायत के मुखिया को योजना पारित कर नाली निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है, हालांकि जमीनी स्तर पर अब तक कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है.
