झाझा. बिहार तंबाकू बीड़ी और बीड़ी पत्ता व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल चंद्र त्रिवेदी ने बीड़ी एवं सिगार अधिनियम 1966 के तहत पंजीकृत व्यापारियों के निबंधन नवीनीकरण में चरित्र प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है. इस संबंध में उन्होंने श्रम संसाधन मंत्री को पत्र भेजकर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है. पत्र में कहा गया है कि बीड़ी निर्माण कार्य से जुड़े कारखानों को प्रत्येक वर्ष बीड़ी एवं सिगार निबंधन का ऑनलाइन नवीनीकरण कराना पड़ता है. इसके लिए कारखाना परिसर का नक्शा, आवेदक के हस्ताक्षर, पैन कार्ड, वर्तमान लाइसेंस, भाड़ा रसीद या भवन संबंधी दस्तावेजों के साथ चरित्र प्रमाण पत्र भी अपलोड करना अनिवार्य किया गया है. संघ अध्यक्ष ने कहा कि अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने में कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन चरित्र प्रमाण पत्र की मांग व्यापारियों के लिए व्यावहारिक नहीं है. उन्होंने बताया कि बीड़ी उद्योग पहले से जीएसटी, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर एवं मापतौल विभाग समेत कई विभागों में पंजीकृत है, जहां नवीनीकरण के दौरान चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती. उन्होंने कहा कि चरित्र प्रमाण पत्र पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी होता है, जिसके लिए स्थानीय थाना जांच समेत लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. इससे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. श्रम मंत्री से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार कर व्यापारियों को राहत देने की मांग की गई है.
बीड़ी व्यापारियों के निबंधन नवीनीकरण में चरित्र प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म करने की मांग
बिहार तंबाकू बीड़ी और बीड़ी पत्ता व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रफुल्ल चंद्र त्रिवेदी ने बीड़ी एवं सिगार अधिनियम 1966 के तहत पंजीकृत व्यापारियों के निबंधन नवीनीकरण में चरित्र प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है
