जमुई. जंगल, जल और पर्यावरण संरक्षण को लेकर निकाली जा रही जंगल बचाओ यात्रा के दौरान गुरुवार को यात्रा दल खैरा प्रखंड की हरणी पंचायत अंतर्गत ताराटांड़ गांव पहुंची. जहां जनसभा आयोजित कर ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया. सभा में किसानों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जंगल ही खेती का आधार है और से मिलने वाले जल स्रोतों पर ही खेतों की सिंचाई निर्भर करती है. उन्होंने कहा कि यदि पेड़ों की कटाई जारी रही तो आने वाले समय में खेती करना मुश्किल हो जायेगा. ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल के भीतर बहकर बर्बाद हो रहे पानी के संरक्षण के लिए बांध, तालाब एवं चेकडैम निर्माण की मांग उठायी. मौके पर वनरक्षी सौरव कुमार ने कहा कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में विभाग ग्रामीणों के साथ मिलकर हरसंभव सहयोग करेगा. जनसभा के बाद यात्रा दल अरुणमाबांक पंचायत के सोखो गांव पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा का स्वागत किया. सेंट मेरी विद्यालय सोखो के छात्र-छात्रा व शिक्षकों भी समर्थन किया. वनरक्षी दीपक रविदास ने कहा कि जंगल पर्यावरण का आधार है. यदि समाज मिलकर जंगल में आग लगने, अवैध कटाई और शिकार जैसी गतिविधियों पर रोक लगाये, तो जंगलों को सुरक्षित रखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि विभाग समुदाय के सहयोग से संरक्षण कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. महिला समूहों ने भी जंगलों में आग रोकने और संरक्षण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आश्वासन दिया. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने सामूहिक शपथ लेते हुए कहा जंगल बचेगा, तो जीवन बचेगा. 17 से 28 फरवरी 2026 तक चल रही जंगल-जल-जानवर-जन-जमीन संरक्षण यात्रा का उद्देश्य गर्मी के मौसम में जंगलों में लगने वाली आग की रोकथाम, जल संग्रहण व्यवस्था विकसित करना तथा स्थानीय प्रजाति के पेड़-पौधों से जंगलों को समृद्ध बनाना है. यात्रा में संतोष सुमन, प्रदीप कुमार, राजकुमार यादव, प्रकाश कुमार सहित दस सदस्यीय दल शामिल रहे.
जंगल बचाओ यात्रा में बांध व चेकडैम निर्माण की मांग
जंगल, जल और पर्यावरण संरक्षण को लेकर निकाली जा रही जंगल बचाओ यात्रा के दौरान गुरुवार को यात्रा दल खैरा प्रखंड की हरणी पंचायत अंतर्गत ताराटांड़ गांव पहुंची.
