जमुई: जिले की एक होनहार बेटी मेघा कुमारी ने सीमित संसाधनों के बीच अपनी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास के दम पर जेईई मेन परीक्षा में 97 परसेंटाइल प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. मेघा की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है. शहर की वीर कुंवर सिंह कॉलोनी की रहने वाली मेघा ने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.
सेल्फ स्टडी बना सफलता का आधार
मेघा की सफलता इस मायने में खास है कि उन्होंने किसी बड़े और महंगे कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया. उन्होंने घर पर रहकर खुद ही पढ़ाई की और ‘सेल्फ स्टडी’ के जरिए इस कठिन परीक्षा को पास किया. मेघा के पिता अनूप कुमार शहर में एक छोटा सा किराना स्टोर चलाते हैं और कड़ी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण करते हैं. उनकी माता उषा देवी ने हमेशा अपनी बेटी को शिक्षा के प्रति जागरूक रखा और उसे निरंतर बेहतर करने के लिए प्रेरित किया.
दृढ़ इच्छाशक्ति और समय प्रबंधन से मिली राह
अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए मेघा ने बताया कि नियमित पढ़ाई, सही समय प्रबंधन और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहना ही उनकी जीत का आधार रहा. उन्होंने कहा कि अगर मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो सुविधाओं की कमी कभी भी सफलता की राह में रोड़ा नहीं बन सकती. मेघा के अनुसार, उन्होंने हर दिन अपना लक्ष्य निर्धारित किया और उसे पूरा करने के बाद ही चैन की सांस ली.
जिले के युवाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
मेघा की इस शानदार उपलब्धि पर उनके शिक्षकों, परिजनों और स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. लोगों का कहना है कि मेघा ने उन छात्रों के लिए एक मिसाल पेश की है जो आर्थिक तंगी या संसाधनों के अभाव के कारण अपने सपनों को छोड़ देते हैं. उनकी यह सफलता यह संदेश देती है कि सच्ची लगन और मेहनत से किसी भी शिखर को छुआ जा सकता है. फिलहाल मेघा आगे की तैयारी में जुट गई हैं और उनका लक्ष्य देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान में दाखिला लेना है.
