झाझा. वर्षों से बंद पड़े रजला-औरैया स्वास्थ्य उपकेंद्र में एक बार फिर से स्वास्थ्य सेवाएं बहाल होने की उम्मीद जगी है. रविवार को सीएस डॉ अमृत किशोर ने उक्त उपकेंद्र का निरीक्षण किया और शीघ्र ही इसे संचालित करने का भरोसा दिलाया. इस दौरान सीएस ने पाया कि उपकेंद्र की इमारत जर्जर हो चुकी है और परिसर में भारी गंदगी फैली हुई है. उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर उपकेंद्र की सफाई कर उसे चालू अवस्था में लाया जाये. उन्होंने कहा कि उपकेंद्र का जीर्णोद्धार कर यहां चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जायेगी, ताकि स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें. सीएस के इस पहल का अभाविप कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. अभाविप कार्यकर्ता राजेश यदुवंशी, सूरज वर्णवाल, रूपेश भारती, हरिनंदन प्रजापति, कार्तिक कुसुम यादव सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय के लिए प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का दुरुस्त होना विकास की पहली कड़ी है. स्थानीय ग्रामीणों ने भी उपकेंद्र के जल्द चालू होने की खबर पर हर्ष जताया और अभाविप के प्रयास की सराहना की. ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से वे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोहताज थे, अब उम्मीद है कि अपने गांव में ही इलाज की सुविधा मिल सकेगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
