रक्षाबंधन के पावन पर्व पर चकाई में भाई-बहन के प्रेम के साथ देशभक्ति और संवेदनशीलता की अनोखी तस्वीर देखने को मिली. ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, ताराखर चकाई के बच्चों ने बाजार से राखियां खरीदने के बजाय खुद अपने हाथों से रंग-बिरंगी राखियां तैयार कीं. इसके बाद बच्चे शिक्षकों के साथ चकाई स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचे और देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाई पर राखी बांधी. बच्चों की इस पहल से कैंप का माहौल भावुक होने के साथ देशभक्ति से भर गया.
कई दिनों की मेहनत से तैयार कीं हस्तनिर्मित राखियां
रक्षाबंधन से पहले विद्यालय के बच्चों ने कई दिनों तक मेहनत कर अलग-अलग रंगों और डिजाइन की आकर्षक राखियां तैयार की थीं. बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति का इस्तेमाल करते हुए राखियों को खास रूप दिया. पर्व के दिन इन्हीं राखियों को लेकर वे सीआरपीएफ कैंप पहुंचे और जवानों के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं.
बच्चों ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुरक्षित, स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की. जवानों ने भी बच्चों को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया.
परिवार से दूर जवानों को मिला अपनों जैसा स्नेह
देश की सुरक्षा के लिए परिवार से दूर रहकर ड्यूटी कर रहे जवानों के लिए बच्चों की यह पहल भावुक कर देने वाली रही. जब बच्चों ने अपने हाथों से तैयार राखियां जवानों की कलाई पर बांधीं तो कैंप में अपनत्व का माहौल बन गया. कुछ समय के लिए ऐसा लगा जैसे जवान अपने परिवार के बीच ही रक्षाबंधन मना रहे हों.
बच्चों ने जवानों के साथ बातचीत की और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं. इस दौरान बच्चों और जवानों के बीच स्नेह और सम्मान का रिश्ता देखने को मिला.
राखी के साथ बच्चों ने सीखा देशप्रेम का संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य अमिया कुमार अमृत ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति और पर्व-त्योहारों से जोड़ने के साथ देश की रक्षा में जुटे जवानों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है. उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा स्वयं राखी बनाना उनमें रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता बढ़ाता है, जबकि जवानों को राखी बांधना उन्हें राष्ट्रसेवा और देशप्रेम का महत्व समझाता है.
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इससे उनमें संस्कार, संवेदनशीलता, भाईचारा और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित होती है. वहीं सीआरपीएफ कैंप के अधिकारियों और जवानों ने विद्यालय की पहल की सराहना करते हुए बच्चों एवं विद्यालय परिवार के प्रति आभार जताया.
