बरनार जलाशय प्रभावितों के समर्थन में माले का सर्वे, 28 जून से पदयात्रा

Barnar Reservoir Project Jamui: सर्वेक्षण के दौरान पार्टी नेताओं ने दावा किया कि जलाशय निर्माण से करीब 100 परिवारों के विस्थापित होने की आशंका है. टीम ने प्रभावित ग्रामीणों से मिलकर उनकी कृषि भूमि, आवास, आजीविका और अन्य बुनियादी जरूरतों से जुड़ी जानकारी एकत्र की.

सरौन से पंकज कुमार सिंह की रिपोर्ट:

Barnar Reservoir Project Jamui: बरनार जलाशय परियोजना से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले परिवारों की समस्याओं को लेकर भाकपा माले ने क्षेत्र में सर्वे एवं जनसंपर्क अभियान चलाया. पार्टी के प्रखंड सचिव मनोज कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पोझा पंचायत के पचकठिया, धाबाकुरा, ओढ़रा और कुबरा मोड़ सहित बरमोरिया पंचायत के बाघलोतवा तथा कोलहायडीह गांवों का दौरा कर प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया.

सर्वेक्षण के दौरान पार्टी नेताओं ने दावा किया कि जलाशय निर्माण से करीब 100 परिवारों के विस्थापित होने की आशंका है. टीम ने प्रभावित ग्रामीणों से मिलकर उनकी कृषि भूमि, आवास, आजीविका और अन्य बुनियादी जरूरतों से जुड़ी जानकारी एकत्र की.

पुनर्वास नीति लागू करने की मांग

पचकठिया गांव में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा माले के प्रखंड सचिव मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा कि पार्टी द्वारा किए गए घर-घर सर्वेक्षण में प्रभावित परिवारों की संख्या सरकारी आंकड़ों से अधिक सामने आई है. उन्होंने कहा कि परियोजना शुरू होने से पहले सभी प्रभावित परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत खेती योग्य जमीन, आवास, रोजगार, शिक्षा और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए.उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के कारण प्रभावित होने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है.

वनाधिकार कानून के क्रियान्वयन की भी उठी मांग

बैठक में वनाधिकार अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. नेताओं ने कहा कि चकाई क्षेत्र में वर्षों से जंगल की भूमि पर खेती कर रहे कई परिवार अब तक भूमि अधिकार से वंचित हैं. उन्होंने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन और वन समितियों के गठन में तेजी लाने की मांग की.

28 जून से पदयात्रा की घोषणा

भाकपा माले, विस्थापित संघर्ष मोर्चा, आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के संयुक्त तत्वावधान में 28 जून से पदयात्रा निकालने की घोषणा की गई है. आयोजकों के अनुसार यह पदयात्रा बटिया से शुरू होकर विभिन्न गांवों में जनसभाएं करती हुई 30 जून को हूल दिवस के अवसर पर जमुई पहुंचेगी.पदयात्रा के माध्यम से पुनर्वास, उचित मुआवजा, रोजगार की गारंटी, वनाधिकार कानून के तहत पट्टा वितरण तथा चकाई में सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा स्थापना जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा.

आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में काराकाट के सांसद राजा राम सिंह के शामिल होने की संभावना है.सर्वेक्षण एवं जनसंपर्क अभियान में संजय कुमार राय, मतला मरांडी, लखिया टुडू, मांगीराम, वीरेन्द्र हांसदा, मीना मरांडी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे.

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Published by: Shruti Kumari

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