बांका की बेटी पुष्पांजलि बनी मैट्रिक बिहार टॉपर, कई कलाओें में है निपुण

जिले के रजौन प्रखंड स्थित गोपालपुर गांव की रहने वाली पुष्पांजलि कुमारी का बिहार मैट्रिक बोर्ड में टॉप करने के बाद पूरे गांव में जश्न का माहौल है.

पियूष कुमार, रजौन. जिले के रजौन प्रखंड स्थित गोपालपुर गांव की रहने वाली पुष्पांजलि कुमारी का बिहार मैट्रिक बोर्ड में टॉप करने के बाद पूरे गांव में जश्न का माहौल है. अचानक पुष्पांजलि की इस उपलब्धि से अवगत होने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि गांव का नाम बिहार में रोशन हो गया है. छात्रा बचपन से ही मेधावी रही है. बताया जाता है कि वह शिक्षा के साथ कई विद्याओं में कुशल है. खासकर पेंटिंग इत्यादि में वह निपुण है. खास बात यह है कि वह सोशल मीडिया से काफी दूर रही. इसकी सफल होने में इस पहलू का योगदान महत्वपूर्ण माना जा रहा है. छात्रा साधारण परिवार से संबंध रखती है. इस उपलब्धि के बाद सिमुलतला विद्यालय के शिक्षकों ने वीडियो कॉल कर उसे बधाई दी. छात्रा का प्रारंभिक शिक्षा भगवानपुर मध्य विद्यालय में हुआ है. पांचवीं कक्षा में पढ़ने के दौरान 2021 में नवोदय परीक्षा में सफलता अर्जित करने के बाद इसका चयन सिमुलतला विद्यालय में हो गया और छठी कक्षा से वह वहीं पढ़ती रही. छात्रा के अनुसार उसकी रूचि गणित में अधिक थी. वह प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती थी. गणित शिक्षक कुश कुमार, रंजन कुमार, पुष्पा कुमारी के साथ प्राचार्य डॉ राजीव रंजन ने उनके शिक्षा में काफी योगदान दिया है. वह कक्षा छह से दसवीं तक अपने वर्ग में हमेशा टॉप रही. इस दौरान वह गणित व विज्ञान में सर्वाधिक अंक पाती रही. उसने बताया कि वह आगे वैज्ञानिक बनेंगी, चूंकि इस विषय में उसकी अधिक रुचि है. उसे नया सीखने और प्रयोग करने में अच्छा लगता है. वह पेंटिंग के साथ नृत्य भी करती है. उसकी शिक्षा बिहार टेक्स्ट बुक से हुई. वह नियमित रूप से विद्यालय के पुस्तकालय में भी अध्ययन करती थी. खेलकूद में वह बैडमिंटन खेलने में सहज थी. वह न्यूज पेपर अन्य शिक्षा पर आधारित पत्रिका भी काफी पढ़ी है. विशेषकर प्रभात खबर से उसे सामान्य शिक्षा मिला. वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ सभी शिक्षकगण को देती हैं. वह आने वाली पीढ़ी को संदेश देना चाहती है कि वह मेहनत पर विश्वास रखे. आत्मविश्वास के साथ निरंतर अभ्यास जारी रखें. पढ़ाई के दौरान ही वह अभ्यस्त थीं कि वह बिहार में बेहतर स्थान प्राप्त करेंगी. प्रारंभिक शिक्षा में उनके पिता का बहुत योगदान है. पांचवीं कक्षा तक वह पिताजी से ही पढ़ी. मकान के अतिरिक्त कोई संपत्ति नहीं छात्रा के पिता के पास एक मकान के अतिरिक्त एक धूर जमीन नहीं हैं. संपत्ति के नाम पर एक मात्र दो-ढाई कट्ठा में बना हुआ मकान है. इनके दादा अनिरुद्ध प्रसाद सिंह बंधुवा मजदूर थे. बहरहाल, पुष्पांजलि 492 अंक लाकर बिहार टाॅपर बनी है. इसका रिजल्ट 98.4 प्रतिशत रहा है. पुष्पांजलि का वर्ष 2021 में ही सिमुलतला आवासीय विद्यालय में चयन हुआ था, और तब से वह वहां पढ़ रही है. पिता लालमोहन शर्मा मध्य विद्यालय भगवानपुर रजौन में विशिष्ट शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं. पुष्पांजलि ने बताया है कि वह अपने विद्यालय के अलावा कहीं ट्यूशन नहीं पढ़ी. स्कूल के शिक्षक का उनको बराबर सहयोग मिलता रहा. पुष्पांजलि अपने चार भाई-बहनों में आंचल, अनुप्रिया, मयंक कुमार के बाद सबसे छोटी है पुष्पांजलि ने बताया कि उसे हिंदी में 98, गणित में 99 सामाजिक विज्ञान में 99, संस्कृत में 99 एवं विज्ञान में 97 अंक मिले हैं. बड़ी बहन आंचल कुमारी जीएनएम व अनुप्रिया एएनएम प्रशिक्षित हैं, जबकि बड़े भाई मयंक कुमार इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं. खास बात यह है कि साधारण परिवार रहने के बावजूद शिक्षा को महत्व दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAUSHAN BHAGAT

RAUSHAN BHAGAT is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >