– चतुर्थ वर्गीय कर्मी ने सीएस पर लगाया प्रताड़ना का आरोप जमुई. सदर अस्पताल में मंगलवार की देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब अस्पताल में कार्यरत एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी ने सीएस के सामने ही सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया. घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में उसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. घायल कर्मचारी की पहचान संतोष कुमार चौरसिया के रूप में की गयी है. बताया जाता है कि घटना के वक्त वह सीएस के समक्ष मौजूद था, तभी उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया. घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय पीड़ित से मिलने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. प्रताड़ना का आरोप, काम में बदलाव बना कारण इलाजरत संतोष कुमार चौरसिया ने बताया कि पहले वह नेत्र रोग विशेषज्ञ के साथ सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सहयोग करते थे, लेकिन नये सीएस डॉ अशोक कुमार के आने के बाद उन्हें उनके मूल कार्य से हटाकर पार्किंग में पेड़-पौधों की सिंचाई जैसे कार्य में लगा दिया गया. कर्मी का आरोप है कि बीते एक सप्ताह से सीएस द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, इससे मानसिक रूप से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया. पत्नी का गंभीर आरोप, घर के काम भी करवाते थे सीएस पीड़ित की पत्नी ने भी सीएस पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उनका कहना है कि उनके पति से अस्पताल के अलावा सीएस के निजी घर में भी काम करवाया जाता था. इसी मानसिक दबाव और प्रताड़ना के कारण उनके पति ने आत्महत्या का प्रयास किया. सवालों के घेरे में व्यवस्था इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली और कर्मचारियों के साथ व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं अब देखना होगा कि जांच में क्या सच सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है. सीएस ने नहीं उठाया फोन घटना के बाद सीएस डॉ अशोक कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा, जिससे मामले को लेकर सवाल और भी गहरे हो गये हैं.
सीएस के सामने कर्मचारी ने खाया सल्फास, सदर अस्पताल में मचा हड़कंप
सदर अस्पताल में मंगलवार की देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब अस्पताल में कार्यरत एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी ने सीएस के सामने ही सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया.
