मनरेगा में जेसीबी से काम और फर्जी मास्टर रोल का आरोप
जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड की नजारी पंचायत में मनरेगा योजना के कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है
जमुई.
जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड की नजारी पंचायत में मनरेगा योजना के कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है. पंचायत निवासी नरेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. शिकायत में मनरेगा नियमों की खुलेआम अनदेखी और मजदूरों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पंचायत में मनरेगा कार्यों में मजदूरों की जगह जेसीबी और अन्य मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि मनरेगा योजना के तहत कार्य श्रम आधारित होना अनिवार्य है. आरोप है कि कई ऐसे लोगों के नाम पर मास्टर रोल तैयार कर हाजिरी बनाई जा रही है, जो गांव में मौजूद नहीं हैं या दूसरे राज्यों में मजदूरी कर रहे हैं. आवेदन में यह भी कहा गया है कि पंचायत में सक्रिय कुछ दलालों की मनरेगा कार्यालय से मिलीभगत है, जो जॉब कार्डधारियों के खाते से पूरी मजदूरी राशि की निकासी कर लेते हैं. मजदूरों को केवल 200 से 300 रुपये देकर बहला दिया जाता है, जबकि उनके नाम पर 12 से 14 दिनों की पूरी मजदूरी राशि निकाल ली जाती है. इसमें रोजगार सेवक एवं पंचायत स्तर के कर्मियों की संलिप्तता होने का आरोप लगाया गया है. शिकायत में पूर्व में पूर्ण हो चुकी योजनाओं का नाम बदलकर दोबारा राशि निकासी करने तथा कागजों पर ही योजनाओं का संचालन दिखाने का भी आरोप लगाया गया है. कई कार्यस्थलों पर योजना संबंधी सूचना पट्ट नहीं लगाए जाने से पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं. शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि एनएमएमएस एप के माध्यम से फर्जी फोटो अपलोड कर मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है. उन्होंने पूरे मामले की भौतिक जांच कर सरकारी राशि के दुरुपयोग की जांच एवं दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है. मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.