जमुई. बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेब के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. शनिवार को जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया. बैठक में सभी बीडीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे. डीएम ने पेयजल संकट पर चिंता जताते हुए पीएचईडी विभाग को निर्देश दिया कि गिरते भू-जल स्तर को ध्यान में रखते हुए संकटग्रस्त व संभावित क्षेत्रों की मैपिंग कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं. नल-जल योजना में आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया. वहीं बिजली विभाग को जर्जर तारों को बदलने और खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर करने का आदेश दिया गया, ताकि गर्मी के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनी रहे और शॉर्ट सर्किट से होने वाली अगलगी की घटनाओं पर रोक लग सके. स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति और साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. एंबुलेंस में ईंधन खत्म होने से मरीज की मौत की घटना पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके अलावा श्रम अधीक्षक को बाल श्रम के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाने का आदेश दिया गया. बैठक के अंत में डीएम ने स्पष्ट किया कि जनता की बुनियादी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारी सीधे जवाबदेह होंगे. बैठक में डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल, एडीएम रविकांत सिन्हा समेत कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
भीषण गर्मी से निबटने को प्रशासन सतर्क, बिजली-पानी व स्वास्थ्य सेवाओं पर कड़ा फोकस
बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेब के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है.
