पट खुलते ही मां दुर्गा के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

प्रखंड के दरखा गांव में वर्षों से चली आ रही वैशाखी दुर्गा पूजा की परंपरा को लेकर इस बार भी श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा.

अलीगंज. प्रखंड के दरखा गांव में वर्षों से चली आ रही वैशाखी दुर्गा पूजा की परंपरा को लेकर इस बार भी श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा. मंगलवार अहले सुबह जैसे ही मंदिर के पट खुला, तो माता के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की. गौरतलब है कि जहां आमतौर पर दुर्गा पूजा आश्विन और चैत महीने में होती है. वहीं दरखा गांव में वैशाख महीने में दुर्गा माता की प्रतिमा स्थापित कर नौ दिनों तक वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा की जाती है. दशमी तिथि को भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं. पूजा समिति के अध्यक्ष अनित पंडित, विजय यादव, मुखिया प्रतिनिधि रोहित कुमार व सुजीत कुमार ने बताया कि मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है. साथ ही भक्तों की सुविधा हेतु सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. पूजा समिति द्वारा वोलेनटीयर की नियुक्ति की गई है ताकि भीड़ में कोई कठिनाई न हो. दशमी के दिन विशेष जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. मेले में बच्चों के लिए ब्रेक डांस, जंपिंग जपांग, मिक्की माउस सहित विभिन्न खेल और मिठाई की दुकानों का आकर्षण रहा. दो दिनों तक चलने वाले इस मेले में प्रशासन की ओर से कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

80 वर्ष पहले मां की पूजा-अर्चना की हुई थी शुरुआत

गांव में वैशाखी दुर्गा पूजा की शुरुआत लगभग 80 वर्ष पूर्व स्व जगदीशचंद्र पांडेय द्वारा पुत्र प्राप्ति की मन्नत पूरी होने के उपरांत हुई थी. उन्होंने पांच वर्षों तक अकेले प्रतिमा स्थापित कर पूजा की. इसके बाद यह परंपरा पूरे गांव ने मिलकर आगे बढ़ायी. आज यह पूजा पूरे बिहार में अनोखी और प्रसिद्ध मानी जाती है. स्थानीय निवासी शिवदानी महतो, धनेश्वर महतो, गोरेलाल यादव, नगीना चंद्रवंशी, उपेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि दरखा की दुर्गा माता की महिमा दूर-दूर तक फैली हुई है. यहां जो भी सच्चे मन से मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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