विस्फोटक प्लांट करते दो नक्सली गिरफ्तार
सोनो (जमुई) : चरकापत्थर थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित इलाके से सुरक्षाबल के जवानों ने कच्ची सड़क पर विस्फोटक प्लांट करते दो नक्सली को गिरफ्तार किया है. पकड़े गये नक्सली की पहचान सुरेश साह (28) पिता तुलसी साह व अनवर मियां (50) पिता स्व सादिक मियां के रूप में की गयी है. गिरफ्तार नक्सली नैयाडीह पंचायत के बुधियालापर गांव का रहनेवाला है. दोनों को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गयी, तो यह बात सामने आया कि नक्सलियों की ओर से सर्च अभियान में लगे सुरक्षाबलों को टारगेट करने की योजना बनायी गयी थी. कच्ची सड़क के नीचे विस्फोटक लगाया जा रहा था.
चरकापत्थर थाना के थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि दोनों नक्सली रविवार की तड़के सुबह ठेलपत्थर के समीप दुधनिया-ठेलपत्थर कच्ची मार्ग पर गड्ढा खोद कर विस्फोटक भरे केन बम को प्लांट कर रहा था. इसी बीच सर्च अभियान से लौट रहे सुरक्षाबलों को देख दोनों नक्सली भागने
सुरक्षा बलों को…
लगा, जिसे सुरक्षाबलों ने खदेड़ कर पकड़ लिया. घटना स्थल से पुलिस ने अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटक से भरा स्टील का दो केन, दो इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, दो जिलेटिन छड़, 50 मीटर तार और एक मोबाइल बरामद किया है. दोनों केन में लगभग पांच किलो विस्फोटक होने का अनुमान है.
सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है : दरअसल चरकापत्थर क्षेत्र के सीमावर्ती जंगल इलाके में नक्सलियों के जमावड़े की सूचना पर जिला पुलिस के अलावे महेश्वरी कैंप के सीआरपीएफ जवान, झाझा कैंप के सीआरपीएफ जवान और चरकापत्थर स्थित एसएसबी के जवानों की ओर से उस इलाके में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है. शनिवार की देर रात्रि भी एएसपी अभियान डीएन पांडेय के नेतृत्व में भारी संख्या में सुरक्षाबल सर्च अभियान में लगे थे. इसमें सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट राधेश्याम मीणा, सुरेश चंद्र के अलावे एसएसबी के सहायक कमांडेंट संतोष कुमार भी शामिल थे. रविवार की तड़के सुबह जब सर्च अभियान से सुरक्षाबल वापसी कर रहे थे, तभी उन्होंने ठेलपत्थर के समीप दोनों नक्सली को भागते पकड़ा. जबकि, कच्ची सड़क पर गड्ढा बना हुआ था. उसी जगह से सुरक्षाबलों ने केन के साथ विस्फोटक सामग्रियों को बरामद किया.
तीन वर्षों से नक्सली गतिविधि में था संलिप्त
थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों पिछले दो-तीन वर्षों से नक्सली गतिविधि में संलिप्त था. नक्सली एरिया कमांडर सुरंग यादव और सिद्धू कोड़ा के लिए काम करता था. शुरू में नक्सलियों के खाने पीने की व्यवस्था की जिम्मेदारी दोनों पर था, जबकि बाद में सुरेश दस्ते का खास सदस्य बन गया और विस्फोटक का जानकार भी बन गया. हालांकि दोनों पर थाने में कोई मामला दर्ज नहीं है. पुलिस ने गिरफ्तार सुरेश व अनवर से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारी हासिल की है.
