जमुई : गलियों में रौनक बढ़ी है. जिनके दर्शन दुलर्भ बन गए थे उनके पैर से गलियों की धूल उड़ने लगी है. स्मृति पटल में धुंधली पड़ गई नाम अब पिता व बच्चों के साथ जुबान से निकल रहे हैं. तपती धूप में भी गलियों में मुस्कुराता चेहरा नजर आने लगा है. हम बात कर रहे हैं नगर परिषद के चुनाव प्रचार की. मंगलवार को चुनाव चिन्ह के आवंटन के बाद से प्रत्याशी चुनाव में जूटे हैं.
हर दिन चुनावी तपिश बढ़ रही है. प्रत्याशी अपने आवंटित चुनाव चिन्ह के संदर्भ जुमला पढ़ते मतदाताओं को रिझाने में जुटे तो सुबह से शाम तक हाल-चाल व कुशल-क्षेम पूछने का दौर जारी है. परंतु मतदाताओं के चेहरे की गंभीरता से प्रत्याशियों के पसीने छूट रहे हैं. बहरहाल प्रचार को दौर चरम पर है. मुस्कुराहट के साथ प्रत्याशी वार्ड के हर घर के दरवाजे को खटखटाकर वोट देने की अपील में कर रहें हैं. प्रतिद्वंदी प्रत्याशियों की खामियां गिनने के साथ सुनहरे भविष्य व सुविधायुक्त स्वच्छ वार्ड के सपने परोसा जा रहा है. उपलब्धि व प्रयास के पिटारे से मजबूरी की कहानियां भी खुब निकल रही है
.मतदाताओं के इच्छा के अनुरूप बातें हो रही है. इधर मतदाता भी पांच वर्ष में एकबार मिले देव की उपाधि पर मुस्कुरा इठला रहे हैं. चुनावी पंडित या यू कहें तिकड़मबाज की चेहरे पर भी कुटिल मुस्कान दे रही है. कुल मिलाकर यह कहें कि इन दिनों नगर परिषद क्षेत्र में मुस्कुराटह बरस रही है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी. बता दें कि जमुई नगर परिषद के 30 वार्ड के चुनाव में 192 प्रत्याशी मैदान में हैं जो दिन-रात एक कर प्रचार अभियान में जुटे हैं तो मतदाताओं में भी आचार-विचार जारी है.
