नहाय खाय के साथ शुक्रवार को चार दिवसीय चैती छठ शुरू हो गया. खरना(लोहंडा)को लेकर लोगों द्वारा दूध की अग्रिम बुकिंग करायी गयी है
जमुई : सर्वप्रथम श्रद्धालु महिलाओं ने आसपास के नदी में स्नान करके और अपने अपने घरों को पूरी तरह से साफ सुथरा किया.
इसके पश्चात श्रद्धालु महिलाओं ने उपवास रखकर मिट्टी व लोहे के चूल्हे पर पीतल या मिट्टी के बर्तन में कद्दू भात के प्रसाद के रूप में अरवा चावल का भात, चना की दाल व कद्दू की सब्जी समेत विभिन्न प्रकार का व्यंजन लहसुन और प्याज का प्रयोग किये बिना तैयार किया.इसके पश्चात छठव्रती महिलाओं ने कद्दू भात का प्रसाद अपने परिवार के लोगों के साथ ग्रहण किया और आस पास के लोगों को भी अपने घर निमंत्रण देकर प्रसाद ग्रहण कराया.कद्दू भात को पुरनका संझैती के नाम से भी जाना जाता है.श्रद्धालु महिलाओं ने बताया कि छठ पर्व के दौरान नियम और निष्ठा का पूरा ख्याल रखना पड़ता है और इस बात का हर हमेशा भय लगा रहता है कि कहीं कोई त्रुटि ना हो जाये.
