अक्सर अपराधियों के शिकार होते हैं रेलकर्मी
स्टेशन पर िछनतई हो गयी है आमबात
स्टेशन पर नहीं है सुरक्षा की व्यवस्था
झाझा : किऊल-जसीडीह रेलखंड पर अवस्थित ब्लॉक हाल्ट व स्टेशन पर कार्यरत कर्मी हमेशा से ही अपराधियों के निशाने पर रहते हैं. मननपुर, कुन्धुर,भलुई, चोरा, दादपुर, रजला हाल्ट, टलवा हाल्ट, नारगंजो, घोरपरण समेत लाहाबन आदि स्टेशन पर कार्य करने वाले कर्मी हमेशा जान जोखिम में डालकर ड्यूटी बजाने को मजबूर हैं. उपरोक्त में से कोई ऐसे स्टेशन हैं जहां छोटी से बड़ी घटनाएं घट चुकी हैं. छिनतई इन स्टेशन पर आम बात बन गयी है. ऐसे स्टेशन पर कार्यरत कर्मियों के लिए कोई सुरक्षा की व्यवस्था नहीं रहती है. यही कारण है कि छिनतई से लेकर ट्रेन हाइजेक तक की घटनाएं इस रेल खंड पर घटित हो चुकी हैं
इन ब्लॉक हट या स्टेशन पर कार्य करने वाले कर्मी बताते हैं कि घर परिवार की चिंता लगी रहती है. बाल बच्चों के लालन पालन से लेकर पढ़ाई तक की चिंता लगी रहती है. जिस कारण ऐसे स्टेशन पर हमलोग नौकरी करने के लिए बाध्य हो जाते हैं. ऐसे स्टेशन पर दिन में भी किसी तरह की कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहती है. अपराधियों का ऐसा स्टेशन सेफ जोन माना जाता है. हर घटना घट जाने के बाद ही कोई सुरक्षा कर्मी हालचाल लेने आते हैं. ऐसे में सामान्य दिनों में तो किसी का दर्शन भी दुर्लभ है. कर्मियों ने बताया कि दादपुर व नारगंजो स्टेशन पर कई बार छिनतई व लूट की घटनाएं घट चुकी है. फिर भी हमलोग ड्यूटी करने को मजबूर है. कर्मियों ने बताया कि ऐसे स्टेशन पर पेयजल से लेकर कई समस्या बनी रहती है. फिर भी ऐसे स्टेशन पर कार्य करनेवाले कर्मियों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है. यही कारण है कि हमलोग हमेशा दहशत की जिंदगी जीने को मजबूर हैं.
ऐसे सभी ब्लॉक हट व स्टेशन नक्सल प्रभावित हैं. ऐसे जगहों पर एक या दो सुरक्षा कर्मी नहीं लगाया जा सकता है. मैन पावर की कमी के कारण थोड़ी परेशानी होती है.
स्वप्ना मेश्राम, रेल एसपी, जमालपुर
