झाझा. शहर के शिवनंदन झा टाउन हॉल में सोमवार को जिला संतमत सत्संग का 34वां वार्षिक अधिवेशन की शुरुआत हुई. दो दिवसीय इस कार्यक्रम का शुभारंभ सतगुरु महाराज की जयघोष के साथ हुआ. कार्यक्रम में महर्षि मेंही धाम मनियारपुर संतमत आश्रम के प्रधान आचार्य पूज्यपाद ब्रह्मर्षि चतुरानंद जी महाराज ने महर्षि मेही परमहंस जी महाराज की श्रद्धा भक्ति के साथ आराधना कर सामूहिक रूप से माल्यार्पण किया गया. उपस्थित लोगों से आचार्य चतुरानन जी ने कहा कि सनातन परंपरा में गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है. शास्त्रों में कहा गया है कि ईश्वर सुपर पावर एवं सर्वशक्तिमान है. ईश्वर को प्राप्त करने का एकमात्र तरीका सत्संग है. सत्संग से ही ईश्वर की प्राप्ति की जा सकती है. जैसा संग होगा, वैसा उसका प्रभाव होगा. इसलिए मनुष्य को श्रद्धापूर्वक गुरु की सेवा करना ही परम धर्म है. उन्होंने कहा कि कहा कि सर्व शक्तिमान एवं सर्व समर्थ ईश्वर ही इस संसार सागर के मूल आधार हैं और ब्रह्माण्ड का कोई भी कार्य इनकी कृपा के बिना नहीं होता है. ईश्वर की स्वीकृति और सहायता के बिना कोई भी योजना न बन सकती है और न ही पूरी हो सकती है. परम पिता परमेश्वर की कृपा एवं गुरु का आशीर्वाद पात्र धर्मार्थी पुरुष की शक्ति तथा उसके प्रयासों को अत्यंत प्रभावशाली बना देता हैं. ईश्वर द्वारा सृजित मानव प्राणी परमात्मा को कोई भी चीज वस्तु देने सक्षम नहीं है. उन्होंने कहा कि जीवन में अचानक लाभ प्राप्त होना या फिर आया हुआ संकट टल जाना, घटनाओं का पूर्वाभास होना, इस प्रकार के बहुत सारे संकेत इस बात की पुष्टि करते हैं कि भक्तों पर दैवीय शक्ति सहायक है .कार्यक्रम के बाद महाभंडारा का आयोजन किया गया. आयोजनकर्ता मंजू देवी, माया देवी, शकुंतला देवी, सूरज बरनवाल, बासुकी बरनवाल, संजय बरनवाल, अरविंद सिंह आदि ने कहा कि ऐसे आयोजन से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल होगा. इनके अतिरिक्त प्रेमानंद बाबा, दयानंद बाबा, शाही शरण जी महाराज, स्वामी प्रकाशन महाराज, अभिषेक आनंद बाबा आदि मौजूद थे.
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