मारपीट, लूटपाट के बाद तनाव

दबंगई . दूसरे की जमीन से चार सौ बांस काटना है विवाद की जड़ परसा गांव की महादलित बस्ती में हमलावरों द्वारा महादलित परिवार के लोगों को बंधक बना कर मारपीट कर लूटपाट करने का मुख्य कारण चार सौ बांस काटना बताया जा रहा है. घटना को लेकर परसा गांव में तनाव का माहौल बना […]

दबंगई . दूसरे की जमीन से चार सौ बांस काटना है विवाद की जड़

परसा गांव की महादलित बस्ती में हमलावरों द्वारा महादलित परिवार के लोगों को बंधक बना कर मारपीट कर लूटपाट करने का मुख्य कारण चार सौ बांस काटना बताया जा रहा है. घटना को लेकर परसा गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और कोई कुछ कहने को तैयार नहीं हो रहा है.
शंकरपुर : थाना क्षेत्र के परसा पंचायत के परसा गांव में जमीन विवाद को लेकर सोमवार की देर रात्रि हथियार से लैस दर्जनों हमलावरों ने महादलित बस्ती में घुस कर दर्जनों महादलित परिवार के लोगों के साथ बंधक बनाकर मारपीट कर लूटपाट की. इस दौरान अपराधियों द्वारा गोली भी चलाई गयी. जिसमें एक बकरी की मौत एवं दो खोखा बरामद किया गया. महादलित परिवार के सैकड़ों महिला और पुरुष शंकरपुर थाना पहुंच कर अपना दुखड़ा सुनाते हुए सुरक्षा की गुहार लगायी.
मामले को लेकर थाना में जयकुमार ऋषिदेव के आवेदन पर पंचायत के वर्तमान मुखिया बैधनाथ यादव सहित सात व्यक्ति को नामजद व 20 – 25 व्यक्ति को अज्ञात अभियुक्त बनाते हुए कांड सं 74/17 दर्ज किया गया है.
क्या है पूरा मामला . सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जय कुमार ऋषिदेव के पूर्वज से सन् 1975 ओर 1981 में फुलेंद्र कुमार जमीन खरीद किया. इस जमीन पर जमीन विक्रेता व उनके अन्य वारिस के द्वारा उनके पूर्वज से जालसाजी कर जमीन हड़प लेने का आरोप लगाया था. इसी को लेकर फुलेंद्र कुमार जयकुमार ऋषिदेव के बीच जमीन विवाद चल रहा है. मामले में जयकुमार ऋषिदेव के द्वारा फुलेंद्र कुमार के जमीन में लगे बांस के बीट में से चार सौ बांस जबरन काट लिया गया था. इसमें फुलेंद्र कुमार द्वारा शंकरपुर थाने में आवेदन देकर कहा था कि उनके पिताजी रशिक ऋषिदेव से केवला द्वारा 1975 ओर 1981 में कुल 18 कट्ठा एक धूर जमीन ली थी. इसका जोत उस समय से ही करते आ रहे थे. लेकिन जमीन पर रसिक ऋषिदेव के पुत्र व पोता के द्वारा जबरन अपना हक जमा कर जमीन में लगे बांस जबरन काट लिया. मामले में फुलेंद्र कुमार के आवेदन पर शंकरपुर थाने में कांड संख्या 70/17 दर्ज किया गया था. वहीं कांड के मुख्य आरोपी बनाये गये परसा पंचायत के वर्तमान मुखिया प्रो बैधनाथ प्रसाद यादव ने कहा कि पूर्व चुनाव में हुए हार से बोखलाये कुछ लोगों द्वारा उन्हें बेवजह बदनाम करने की नियत से झूठा मामला में फसाया जा रहा है. इस बाबत थानाध्यक्ष सुबोध यादव ने कहा पीड़ित के आवेदन पर कांड दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल किया जा रहा है. वही विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए घटना स्थल पर देख रेख के लिए चौकीदार को प्रतिनियुक्त कर दिया गया है.

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