दरभंगा के अहल्या मंदिर में मन्नत पूरी होने पर देवी को चढ़ाया जाता है बेंगन, जानिये क्या कहते हैं श्रद्धालू

विवाहपंचमी के अवसर पर बुधवार को अहले सुबह से देर शाम तक अहल्यास्थान और गौतमाश्रम परिसर में चहल-पहल देखी गयी. सुबह से श्रद्धालु कतार में लगे रहे. सैकड़ों की संख्या में आये भक्तों ने आज मन्दिरों में पूजा अर्चना की.

कमतौल. अगहन विवाहपंचमी के अवसर पर बुधवार को अहले सुबह से देर शाम तक  अहल्यास्थान और गौतमाश्रम परिसर में चहल-पहल देखी गयी. सुबह से श्रद्धालु कतार में लगे रहे. सैकड़ों की संख्या में आये भक्तों ने आज मन्दिरों में पूजा अर्चना की.

कई श्रद्धालुओं ने मन्नत पूरी होने पर प्रातः स्मरणीय पंच कन्याओं में शामिल भगवती अहल्या को बैगन का भार चढ़ाया. इसमें मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, मुज़फ़्फ़रपुर समेत अन्य जिलों से आने वाले श्रद्धालु शामिल थे.

मधुबनी के साहरघाट और मुज़फ़्फ़रपुर के कटरा, लखनपुर से आने वाले महिला श्रद्धालुओं ने बताया कि मनौती पूरी होने पर हम लोग विवाह पंचमी के दिन अहल्यास्थान आ कर बैगन का भार चढ़ाये हैं. लोगों ने बताया कि यहां लोगों के बीच यह मान्यता है कि बैगन का भार चढ़ाने से शरीर पर होने वाले मस्सा नामक रोग से छुटकारा मिलता है.

अहल्या गहबर के वयोवृद्ध पुजारिन सिया सहचरी ने बताया कि पहले अधिकतर लोग रामनवमी मेला के अवसर पर ही बैगन का भार चढ़ाने आते थे. आवागमन की सुविधा होने से जिसे जब मौका मिलता है, चले आते हैं. उन्होंने कहा कि पहले रामनवमी मेला लगता था लेकिन दो वर्ष से नहीं लग रहा. अगले वर्ष भी लगेगा या नहीं, कहा नहीं जा सकता.

Posted by Ashish Jha

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