Floods in Patna : गंगा नदी राजधानी पटना में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गुरुवार रात तक पटना में गंगा के सर्वाधिक जलस्तर का पुराना रिकॉर्ड टूटने की आशंका जताई जा रही है. दीघा घाट में गंगा का अब तक का उच्चतम जलस्तर वर्ष 1975 में 52.52 मीटर दर्ज किया गया था. गुरुवार शाम छह बजे यहां जलस्तर 51.64 मीटर पहुंच गया. यानी यह पुराने रिकॉर्ड से महज 88 सेंटीमीटर नीचे है. जलस्तर में शुक्रवार तक और बढ़ोतरी की आशंका है.
गांधी घाट में भी रिकॉर्ड से महज 21 सेंटीमीटर दूर
गांधी घाट में गंगा का सर्वाधिक जलस्तर वर्ष 2016 में 50.52 मीटर दर्ज किया गया था. गुरुवार शाम छह बजे यहां जलस्तर 50.31 मीटर पहुंच गया. इस तरह गांधी घाट में भी गंगा पुराने रिकॉर्ड से महज 21 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.
सीएम ने किया स्थल निरीक्षण, अलर्ट रहने का निर्देश
गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि आमजनों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाकर किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे.
मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखने का निर्देश दिया. प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा.
बेंगलुरु से लौटते ही करेंगे हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री शुक्रवार को बेंगलुरु से लौटने के बाद दोपहर एक बजे प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. इसके बाद दोपहर दो बजे राहत एवं बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे. बैठक में नदियों के जलस्तर, तटबंधों की मजबूती और सुरक्षा, संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों तथा राहत-बचाव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी.
आश्रय स्थल और जरूरी सामान की अग्रिम व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरक्षित आश्रय स्थल चिह्नित कर आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा है. चिकित्सा सुविधा, पेयजल, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जा सके.
