बिहार के लोगों को खुद पर गर्व होना चाहिए, लोकतंत्र के इतिहास में वैशाली का है महत्वपूर्ण योगदान - ज्ञानेश कुमार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने वैशाली के ऐतिहासिक स्मारकों का दौरा किया। उन्होंने वैशाली को लोकतंत्र की जननी और विश्व के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार रविवार को एक दिवसीय दौरे पर वैशाली पहुंचे. विश्व में लोकतंत्र की जननी और प्राचीन गणतंत्र की धरती वैशाली के ऐतिहासिक स्थलों को देखने की उत्सुकता को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त शाम 4 बजकर 22 मिनट पर वैशाली पहुंचे. उनके आगमन को लेकर बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप परिसर से कुछ दूरी पर विशेष हेलीपैड का निर्माण कराया गया था.

वैशाली पहुंचने के बाद बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप परिसर में मुख्य चुनाव आयुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद वे सीधे ऐतिहासिक राजा विशाल के गढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने प्राचीन वैशाली की लोकतांत्रिक व्यवस्था और उसके इतिहास के बारे में जानकारी ली.

वैशाली की धरती पर दिखता है लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वरूप

इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि विश्व में लोकतंत्र की जननी वैशाली की धरती पर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है. इन्होंने कहा कि जिस प्रकार आज भारत निर्वाचन आयोग देश में लोकतंत्र को मजबूत और सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है, उसी प्रकार लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व वैशाली की धरती पर लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वरूप देखने को मिलता है. कहा कि वैशाली के ऐतिहासिक स्मारकों को देखकर अत्यंत हृदयस्पर्शी अनुभूति हो रही है. बिहार के सभी मतदाताओं को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि उनके राज्य की धरती का लोकतंत्र के इतिहास में इतना महत्वपूर्ण स्थान है.

उन्होंने कहा कि वैशाली की प्राचीन लोकतांत्रिक परंपरा भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्रोत है. मुख्य चुनाव आयुक्त अपने दौरे के क्रम में कोल्हुआ स्थित अशोक स्तंभ का भी दर्शन किया और वैशाली के प्राचीन इतिहास की जानकारी ली. मुख्य चुनाव आयुक्त को प्रो. रामनरेश के द्वारा अशोक स्तंभ के इतिहास से रुबरू कराया गया. इस दौरान उनकी पत्नी भी साथ थी. लगभग दो घंटे रूकने के बाद शाम 6.35 में मुख्य चुनाव आयोग पटना के लिए रवाना हो गए.

प्रशासन के सभी अधिकारी रहे मौजूद

दौरे को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. ऐतिहासिक स्थलों पर अधिकारियों एवं सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी. वहीं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल, डीएम वर्षा सिंह, एसपी शुभांक मिश्रा, डीडीसी कुंदन कुमार, एसडीओ, एसडीपीओ, डीपीआरओ सहित जिले के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

पत्नी के साथ वैशाली पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त, विश्व के प्रथम गणतंत्र की धरती को देखा


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By अभिषेक शाश्वत

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