Vaishali DM Varsha Singh: वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह का एक अलग और प्रेरणादायक अंदाज सामने आया है. आमतौर पर अधिकारियों को बैठकों और कार्यालयों में देखा जाता है, लेकिन डीएम वर्षा सिंह बिदुपुर प्रखंड के खजवत्ता गांव में प्राकृतिक खेती के मॉडल खेत में पहुंचीं और महिला किसानों के साथ खेत में उतरकर धान की रोपनी की. उन्होंने श्रीविधि (एसआरआई) पद्धति से धान रोपते हुए किसानों को वैज्ञानिक खेती और प्राकृतिक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया.
महिला किसानों के साथ खेत में उतरीं डीएम
बिदुपुर प्रखंड की शहदुल्लापुर धोबौली पंचायत के खजवत्ता गांव में प्राकृतिक खेती आधारित बीआरसी मॉडल खेत का निरीक्षण करने पहुंचीं डीएम वर्षा सिंह ने खेती की विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान वह खुद खेत में उतर गईं और महिला किसानों के साथ मिलकर धान की रोपनी की. डीएम को अपने बीच खेत में काम करते देख किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला.
किसानों से जानी समस्याएं
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने किसानों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी समस्याओं, कृषि संबंधी जरूरतों और प्राकृतिक खेती के अनुभवों की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि कृषि वैशाली जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आय बढ़ाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है.
प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
डीएम ने किसानों से समय पर धान रोपनी करने, उन्नत एवं प्रमाणित बीजों का उपयोग करने तथा वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों की आमदनी बढ़ सके.
वैज्ञानिक खेती के प्रति किया जागरूक
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी. उन्होंने प्राकृतिक खेती के लाभ बताते हुए कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है. डीएम की इस पहल को किसानों ने सराहा और कहा कि किसी प्रशासनिक अधिकारी को खेत में उतरकर उनके साथ काम करते देख उनका मनोबल बढ़ा है.
