hajipur news. बीमारियों का जोखिम कम करने के लिए तंबाकू से बचाव जरूरी

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर शनिवार को जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, सदर अस्पताल परिसर स्थित एएनएम स्कूल के सभागार में कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी अधिकारी डॉ राजेश किशोर साहू ने की

हाजीपुर. विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर शनिवार को जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. सदर अस्पताल परिसर स्थित एएनएम स्कूल के सभागार में कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी अधिकारी डॉ राजेश किशोर साहू ने की. मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ साहू ने कहा कि तंबाकू अनेक बीमारियों का कारण बनता है. तंबाकू छोड़ने से हृदय की धड़कन और रक्तचाप सामान्य होना, रक्त में ऑक्सीजन का स्तर बेहतर होना, रक्त संचार एवं फेफडों का बेहतर कार्य करना, खांसी, थकान और श्वास टूटने की शिकायत कम होना, हृदयघात का जोखिम कम होना, मुंह, गला, भोजन नली और पेशाब की थैली के कैंसर का खतरा कम होना आदि फायदे मिलते हैं. तंबाकू से मुक्त होकर हम अपनी आने वाली पीढ़ी का भविष्य बचा सकते हैं.

तंबाकू आज सार्वजनिक स्वास्थ्य की मुख्य चुनौतियों में एक

कार्यक्रम का संचालन करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी दयानंद श्रीवास्तव ने इस वर्ष के थीम पर चर्चा करते हुए कहा कि तंबाकू आज सार्वजनिक स्वास्थ्य की मुख्य चुनौतियों में एक है. निकोटीन और इससे जुड़े उत्पादों का आकर्षण खासकर युवाओं में ज्यादा है. तंबाकू उद्योग अपने उत्पादों को आकर्षक बनाने के लिए कई तरीके अपनाता है, जो उनकी गंध, स्वाद या रूप को बदल देते हैं. इन एडिटिब्स को तंबाकू की कठोरता को छिपाने के लिए डिजाइन किया गया है. तंबाकू के विरुद्ध सामाजिक स्तर पर जागरूकता जरूरी है. आम लोगों के बीच जाकर उन्हे तंबाकू का सेवन नहीं करने के लिए प्रेरित करना होगा.

एनसीडी की एफएलसी रुक्मिणी कुमारी ने कहा कि तंबाकू सेवन एक खतरनाक आदत है. जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं, वहां स्थिति और नाजुक बन जाती है. तंबाकू निषेध कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाया जाये तो अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. डॉ खुशबू कुमारी ने कहा कि तंबाकू सेवन से सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ने के साथ ही आर्थिक नुकसान भी होता है. नशा छोड़ने के लिए अपनी इच्छा शक्ति को मजबूत करें. मनोवैज्ञानिक सुस्मिता भारती ने कहा कि इस अभियान को सफल करने के लिए हमें मिल कर प्रयास करना होगा. कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन, बब्बन कुमार, वंदना कुमारी, डॉ विक्रम समेत अन्य उपस्थित थे.

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