नाबालिग बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपित को सात साल की सजा, 10 हजार रुपये अर्थ दंड

न्यायाधीश ने शुक्रवार को सुनाई सजा में अर्थदंड की राशि पीड़िता को भुगतान करने का आदेश दिया.

हाजीपुर. लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पाॅक्सो) के विशेष न्यायाधीश ने करीब पौने पांच वर्ष पूर्व एक नाबालिग बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किये जाने के मामले में दोषी करार एक व्यक्ति को सात वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनायी है. न्यायाधीश ने शुक्रवार को सुनाई सजा में अर्थदंड की राशि पीड़िता को भुगतान करने का आदेश दिया. उक्त जानकारी पाॅक्सो के विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि 02 दिसंबर 2020 को महनार थाना क्षेत्र स्थित एक व्यक्ति की छत पर रुई धुनाई करने के लिए महनार थाना क्षेत्र के हसनपुर निवासी मो वकील आया था. उसे चाय देने के लिए उस परिवार की एक 10 वर्षीय किशोरी आयी, उससे चाय लेने के बाद रुई तोड़ने के लिए बैठा लिया. इसी बीच उसके परिवार के लोग नीचे चले गये. इसके बाद रुई धुनाई करने वाले ने उसे छत के कोने में ले जाकर उसके साथ यौन उत्पीड़न करने लगा. उक्त किशोरी उससे किसी तरह अपनी हाथ छुड़ाकर भाग कर नीचे आयी और अपनी मां से अपने साथ हुई घटना की आपबीती सुनायी. इसके बाद परिवार वालों ने रुई धुनाई करने वाले मो वकील को पकड़ कर पुलिस को सुपूर्द कर दिया. इस घटना को लेकर पीड़िता के पिता ने महनार थाने में प्राथमिकी कराई और पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. उसी समय से वह लगातार जेल में हैं.

इस मामले में पुलिस ने 31 दिसम्बर 2020 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया. न्यायालय में 19 जनवरी 2021 को संज्ञान लिया गया. इस मामले में उसके विरुद्ध 06 फरवरी 2021 को आरोप गठन किया गया. विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा द्वारा कराये गये 06 साक्षियों एवं 07 प्रदर्श के परीक्षण-प्रतिपरीक्षण के बाद उसे मंगलवार को दोषी करार दिया गया था. इस मामले में शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद उसे सात वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनायी गयी है. अर्थदंड की राशि पीड़िता को भुगतान करने का आदेश दिया गया है. वहीं इस मामले में एक्सेस टू जस्टिस फार चिल्ड्रेन कार्यक्रम के डायरेक्टर सह स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव सुधीर कुमार शुक्ला ने त्वरित न्याय देने के लिए पाॅक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एवं विशेष लोक अभियोजक के प्रति आभार व्यक्त किया है. इन्होंने बताया कि पीड़िता की काउंसलिंग की गयी थी तथा उसे लीगल सपोर्ट प्रदान किया जा रहा था.

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Author: AMLESH PRASAD

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