महुआ (वैशाली). महुआ थाना क्षेत्र के सहदुल्लाहचक गांव में मनचलों की एक गैर-जिम्मेदाराना हरकत ने एक गरीब नमकीन विक्रेता की जान ले ली. बाजार से नमकीन बेचकर साइकिल से घर लौट रहे अधेड़ पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया था, जिनकी गंभीर हालत में इलाज के दौरान सदर अस्पताल हाजीपुर में मौत हो गई. मृतक की शिनाख्त फतेहपुर पकड़ी पंचायत निवासी दसई साह के रूप में की गई है. इस दर्दनाक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है.
बाजार से लौटते समय हुआ मधुमक्खियों का हमला
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, दसई साह बीते 16 सितंबर को रोज की तरह महुआ बाजार में घूम-घूमकर नमकीन बेचने के बाद शाम को घर लौट रहे थे. जब वे महुआ सिंहराय गांव के समीप से गुजर रहे थे, तभी वहां मौजूद कुछ शरारती और मनचले युवकों ने सड़क किनारे पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के विशाल छत्ते पर पत्थर मार दिया. पत्थर लगते ही छत्ते से हजारों की संख्या में आक्रोशित मधुमक्खियां बाहर निकल आईं और रास्ते से गुजर रहे दसई साह पर टूट पड़ीं.
डंक के जहर से बिगड़ी हालत, सदर अस्पताल रेफर
मधुमक्खियों के भीषण हमले से दसई साह सड़क पर ही गिरकर तड़पने लगे और बुरी तरह घायल हो गए. आसपास के लोगों के शोर मचाने पर मधुमक्खियों को किसी तरह हटाया गया. घटना की सूचना पाकर पहुंचे परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें महुआ अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया. चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति और डंक के घातक जहर के फैलाव को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर रेफर कर दिया.
इलाज के दौरान मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सदर अस्पताल में कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद आखिरकार दसई साह ने दम तोड़ दिया. उनकी मौत की खबर घर पहुंचते ही परिजनों की चीत्कार से पूरा गांव गमगीन हो गया. मृतक ही परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और नमकीन बेचकर पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थे. ग्रामीणों ने इस दुखद हादसे पर गहरा शोक जताते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और छत्ते पर पत्थर मारने वाले मनचलों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है.
