Hajipur Khuchar Natak : हाजीपुर के गांधी आश्रम स्थित गांधी स्मारक पुस्तकालय के जगदीश चंद्र माथुर मंच पर निर्माण रंगमंच की ओर से नाटक 'खुचड़' का मंचन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन लेखक-समीक्षक सुरेंद्र मानपुरी, डॉ. शैलेंद्र राकेश, अनिल चंद्र कुशवाहा, संजय शांडिल्य और रामानंद गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. मंचन के दौरान कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी.
साहित्य और रंगकर्म से जुड़े कलाकारों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान साहित्य एवं रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए युवा कवि विजय कुमार विनीत को डॉ. प्रणय कुमार स्मृति सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया. वहीं रंगकर्म में उत्कृष्ट भूमिका निभाने पर निर्माण रंगमंच के कलाकार यशवंत राज को आम्रपाली रंग सम्मान 2025 प्रदान किया गया.
पुरुषवादी मानसिकता पर तीखा व्यंग्य है 'खुचड़'
नाटक की शुरुआत मधुर संगीत और पारिवारिक संवादों से होती है. कहानी के केंद्र में सरकारी कर्मचारी बाबू कुंदन लाल हैं, जो अपनी पढ़ी-लिखी पत्नी रामेश्वरी के हर काम में कमी निकालते रहते हैं. पति की इस आदत से परेशान होकर रामेश्वरी बिना आदेश कोई भी काम न करने का फैसला करती है. इसके बाद कुंदन लाल को अपनी गलती का एहसास होता है और अंत में वह पत्नी से अपनी आदत बदलने का वादा करते हैं. नाटक ने पारिवारिक रिश्तों में सम्मान और समानता का प्रभावी संदेश दिया.
कलाकारों के दमदार अभिनय ने जीता दर्शकों का दिल
नाटक में सुधांशु कुमार ने बाबू कुंदन लाल, अंशु प्रिया ने रामेश्वरी, किरण ने नौकरानी और भिखारिन, विनोद हाजीपुरी ने सब्जी वाले, यशवंत राज ने अधिकारी तथा विवेक यादव ने फूफाजी की भूमिका निभाई. सभी कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से पात्रों को जीवंत बना दिया.
मंचन को सफल बनाने में पूरी टीम का रहा योगदान
नाटक के सह-निर्देशन की जिम्मेदारी पुष्पम और यशवंत राज ने निभाई. प्रकाश परिकल्पना एवं ध्वनि संचालन का कार्य तरुणेश कुमार ने किया. वहीं रूप सज्जा की जिम्मेदारी अमरेश श्रीवास्तव और संजय दास ने संभाली. सभी के सामूहिक प्रयास से प्रस्तुति प्रभावशाली रही.
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