Hajipur News: बिहार के 6 जिलों में आयोजित ब्लैकआउट मॉकड्रिल का व्यापक असर राजधानी पटना की लाइफलाइन कहे जाने वाले महात्मा गांधी सेतु पर भी देखने को मिला. हवाई हमले जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए किए गए इस पूर्वाभ्यास के दौरान कुछ मिनटों के लिए पुल पूरी तरह अंधेरे में डूब गया, जिसका परिणाम बाद में 10km की भीषण जाम के रूप में सामने आया.
सायरन बजते ही थम गया सेतु
शाम ठीक 6:58 बजे महात्मा गांधी सेतु पर सायरन की गूंज सुनाई दी, जो ब्लैकआउट की शुरुआत का संकेत था. इसके बाद 7:00 बजे पुल की तमाम लाइटें बंद कर दी गईं. पुल पर मौजूद वाहन चालकों ने अनुशासन का परिचय देते हुए अपनी गाड़ियों की हेडलाइट्स बंद कर दीं और जहां थे, वहीं रुक गए. वैशाली पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे. पाया नंबर-1 से लेकर गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र तक भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि मॉकड्रिल के दौरान कोई अफरा-तफरी न मचे.
ब्लैकआउट खत्म होते ही रेंगने लगा ट्रैफिक
शाम 7:15 बजे जैसे ही मॉकड्रिल समाप्त हुआ और लाइटें जलाई गईं, वाहनों का परिचालन पुनः शुरू हुआ. लेकिन महज 15 मिनट के ठहराव के कारण सेतु पर गाड़ियों का भारी दबाव बढ़ गया. देखते ही देखते महात्मा गांधी सेतु पर करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया. हाजीपुर से पटना और पटना से उत्तर बिहार की ओर जाने वाले हजारों यात्री इस जाम में फंस गए, जिससे उन्हें भीषण गर्मी में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
आपात स्थिति से निपटने का पूर्वाभ्यास
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह ब्लैकआउट किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि युद्ध या हवाई हमले जैसी विपरीत परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को परखने के लिए किया गया एक नियोजित पूर्वाभ्यास (मॉकड्रिल) था. प्रशासन ने इस सफल आयोजन के लिए लोगों के सहयोग की सराहना की है.
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