Hajipur News (कैफ अहमद) : ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट (AIOCD) के आह्वान पर मंगलवार को देशव्यापी एक दिवसीय “नेशनल फार्मेसी बंद” का व्यापक असर वैशाली जिले में भी देखने को मिला. कश्मीर से कन्याकुमारी तक दवा दुकानदारों, केमिस्ट एवं ड्रजिस्ट समुदाय ने एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी-अपनी दवा दुकानें बंद रखीं.
बिहारभर में बंद रहीं मेडिकल दुकानें, BCDA के नेतृत्व में शांतिपूर्ण प्रदर्शन
बिहार केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन (BCDA) के नेतृत्व में राज्यभर के दवा विक्रेताओं ने शांतिपूर्ण, संयमित एवं अनुशासित ढंग से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ विरोध जताया. बंदी को सफल बनाने के लिए 15 मई से ही जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा था तथा विभिन्न स्थानों पर पोस्टर एवं बैनर लगाकर लोगों को जागरूक किया गया था.
दवा विक्रेताओं ने अनियमित बिक्री और भारी छूट का किया विरोध
दवा विक्रेताओं की प्रमुख मांगों में ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित एवं अनियमित बिक्री पर रोक लगाने, बिना वैध ड्रग लाइसेंस एवं विधिसम्मत जांच के दवाओं की बिक्री तथा होम डिलीवरी पर प्रभावी नियंत्रण करने की मांग शामिल रही. इसके अलावा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट की नीति पर रोक लगाने तथा ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए स्पष्ट, पारदर्शी एवं कठोर नियामक व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई गई.
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हाजीपुर शहर समेत वैशाली जिले के तमाम दवा दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया. इस दौरान जिला अध्यक्ष राजकुमार सिंह के नेतृत्व में दवा विक्रेताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन किया. आंदोलन में नीतीश कुमार मिश्रा, संजय कुमार चौधरी, सुरेंद्र कुमार सिंह, रामकृपाल सिंह, रामपुकार सिंह, राजकुमार सिंह सहित कई दवा व्यवसायी मौजूद रहे. दवा विक्रेताओं का कहना था कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.
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