Vaishali Engineering College : वैशाली के चकसिकंदर स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने विद्यार्थियों ने कॉलेज की बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई गंभीर शिकायतें रखीं. इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली, हॉस्टल, एंबुलेंस और जिम की सुविधाओं का मुद्दा उठने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए. छात्रों की परेशानी सुनने के बाद उन्होंने कॉलेज के आसपास किराये का मकान लेकर अस्थायी हॉस्टल शुरू करने और सभी पॉलिटेक्निक व इंजीनियरिंग कॉलेजों में मेडिकल शॉप खोलने की घोषणा की.
सीएम के सामने छात्रों ने बताईं कॉलेज की कमियां
चकसिकंदर स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में मुख्यमंत्री के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने जब विद्यार्थियों से सीधे उनकी समस्याएं पूछीं तो एक के बाद एक शिकायतें सामने आने लगीं. छात्रों ने कॉलेज की बुनियादी सुविधाओं और पढ़ाई के माहौल से जुड़ी कई समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं.
इंटरनेट और बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
संवाद के दौरान छात्राओं ने कॉलेज परिसर में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या बतायी. विद्यार्थियों ने कहा कि इंटरनेट की सुविधा ठीक नहीं रहने से पढ़ाई और ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों में परेशानी होती है. छात्रों ने बिजली की अघोषित कटौती और पावर सप्लाई की व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की.
दरभंगा से रोज आने वाले छात्र ने बतायी परेशानी
एक छात्र ने बताया कि वह दरभंगा से रोजाना कॉलेज आता-जाता है. लंबी दूरी तय करने में काफी समय और ऊर्जा खर्च होती है. छात्रों के अनुसार, रोजाना आवागमन की इस परेशानी का सीधा असर पढ़ाई पर पड़ रहा है. संवाद के दौरान हॉस्टल की सुविधा नहीं होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया.
हॉस्टल के लिए किराये का मकान लेने का निर्देश
छात्रों की परेशानी सुनने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अगर कॉलेज परिसर में फिलहाल हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो आसपास उपयुक्त किराये का मकान लिया जाए और उसे अस्थायी हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल किया जाए. इससे दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों की परेशानी कम हो सकेगी.
एंबुलेंस और मेडिकल सुविधा की भी मांग
विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में डेडिकेटेड एंबुलेंस और बेहतर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी. छात्रों का कहना था कि किसी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है. इस मांग पर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए.
जिम बना, लेकिन आधुनिक उपकरणों की कमी
छात्रों ने कॉलेज परिसर में बने जिम की स्थिति पर भी सवाल उठाया. उनका कहना था कि जिम के लिए अलग जगह तो उपलब्ध है, लेकिन पर्याप्त और आधुनिक उपकरण नहीं होने के कारण इसका पूरा लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है. छात्रों ने जिम को आवश्यक संसाधनों से लैस करने की मांग की.
बिहार के सभी इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक कॉलेजों में खुलेंगी मेडिकल शॉप
विद्यार्थियों की मांगों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि बिहार के सभी पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों के परिसरों में मेडिकल शॉप खोली जाएंगी. इससे विद्यार्थियों को जरूरत के समय दवाएं उपलब्ध कराने में सुविधा होगी. इसका लाभ कॉलेज के आसपास रहने वाले लोगों को भी मिलने की बात कही गयी.
अधिकारियों को समस्याओं का समाधान कराने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और कॉलेज के अधिकारियों को विद्यार्थियों की समस्याओं का संकलन करने और उनके त्वरित समाधान की दिशा में काम करने का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि छात्रों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़े.
विद्यार्थी सहयोग शिविर का हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विद्यार्थी सहयोग शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया. कार्यक्रम में वैशाली जिले के प्रभारी मंत्री निशांत कुमार और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे.
हर महीने के चौथे मंगलवार को लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर
प्रशासन की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार, विद्यार्थी सहयोग शिविर अब हर महीने के चौथे मंगलवार को बिहार के प्रत्येक जिले में आयोजित किया जाएगा. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं सीधे शासन-प्रशासन के सामने रखने और उनके समाधान की प्रक्रिया को आसान बनाना है.
Also Read : वैशाली : सीएम सम्राट के कार्यक्रम का नहीं मिला पास, डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे पत्रकार
