Ganga-Gandak Water Levels : हाजीपुर में गंगा और गंडक नदियों के बढ़ते जलस्तर तथा निचले इलाकों में जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. 25 अगस्त 2026 को जारी स्थिति के अनुसार लालगंज और गांधी घाट पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया. वहीं राघोपुर के कई पंचायतों में आवागमन के लिए नावों का परिचालन कराया जा रहा है. तटबंधों की निगरानी के साथ महनार, राघोपुर, हाजीपुर और लालगंज में एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं.
जलस्तर पर प्रशासन की लगातार नजर
जिला प्रशासन ने गंगा और गंडक नदी के जलस्तर के साथ तटीय और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया है. संबंधित विभागों और क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है.
वाल्मीकिनगर बराज से पानी का दबाव घटा
25 अगस्त 2026 को प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में 81,800 क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया. इसमें कमी की प्रवृत्ति बनी हुई है. इससे पहले 22 अगस्त को 1,55,600 क्यूसेक, 23 अगस्त को 1,24,000 क्यूसेक और 24 अगस्त को 1,02,100 क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया था.
लालगंज में खतरे के निशान से ऊपर गंडक
लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर 50.87 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 50.50 मीटर है. यानी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.37 मीटर ऊपर है. यहां जलस्तर में हल्की वृद्धि दर्ज की गई है.
गांधी घाट पर भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर
गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 49.54 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है. इस तरह जलस्तर खतरे के निशान से 0.94 मीटर ऊपर है. हालांकि प्रशासन के अनुसार यहां जलस्तर घटने की प्रवृत्ति में है.
रेवा घाट और हाजीपुर में स्थिति नियंत्रण के भीतर
रेवा घाट में गंडक नदी का जलस्तर 53.63 मीटर दर्ज हुआ है, जो खतरे के निशान 54.41 मीटर से 0.78 मीटर नीचे है. हाजीपुर में गंडक का जलस्तर 49.60 मीटर है, जो खतरे के निशान 50.32 मीटर से 0.72 मीटर नीचे है.
राघोपुर के निचले इलाकों में नावों का सहारा
जलभराव के कारण राघोपुर अंचल के चकसिंगार, वीरपुर, सराईपुर, जुरावणपुर करारी और जहांगीरपुर पंचायतों में आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में नावों का परिचालन कराया जा रहा है. इसका उद्देश्य जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों के आवागमन को सुगम बनाए रखना है.
तटबंधों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी निगरानी
जिले के सभी तटबंधों की सुरक्षा के लिए होमगार्ड और विभागीय कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता और कार्यपालक अभियंता लगातार तटबंधों का निरीक्षण कर रहे हैं. प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत रख रहा है.
चार इलाकों में एसडीआरएफ की टीमें तैनात
महनार, राघोपुर, हाजीपुर और लालगंज क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं. प्रशासन का उद्देश्य किसी भी आकस्मिक स्थिति में राहत और बचाव कार्य को बिना देरी शुरू करना है. बाढ़ नियंत्रण, स्वास्थ्य, पशुपालन, कृषि और पीएचईडी समेत संबंधित विभागों को भी हाई अलर्ट मोड में रखा गया है.
लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील
जिला प्रशासन ने आम लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है. लोगों से प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है. किसी भी आपात स्थिति में जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी गई है.
