गोरौल. प्रखंड क्षेत्र में देर शाम हुई बारिश से किसानों को काफी क्षति हुई है. इस आपदा से क्षेत्र के किसानों का कमर टूट गया है. प्रखंड के गोरौल, आदमपुर बहादुरपुर, सोंधो बरेबा, पोझा, रसूलपुर कोरीगांव, प्रेमराज, रुकमंजरी, बेलवर, पिरापुर मथुरा, रसूलपुर तुर्की, बकसामा सहित दर्जनों गांवों में मकई की खेती होती है. जो फसल खेतों में लगी हुई है उसे थोड़ा पानी से फायदा हुआ है. वही तंबाकू के किसानों काे काफी क्षति हुई है. यही हाल लीची एवं आम की फसलों की भी है. जो तेज हवा से आम के टिकोला एवं लीची को काफी नुकसान पहुंचा है.
राजापाकर. प्रखंड क्षेत्र में सोमवार की शाम हुई तेज आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा. तेज बारिश के कारण खेत खलिहानों में पानी लग गयी. वहीं दूसरी ओर लोगों को गर्मी से मिली राहत है. तो हल्की ठंड ने लोगों को ठंडी मौसम का याद दिला दिया. आंधी के ठीक बाद मूसलाधार बारिश शुरू होते ही सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. बारिश की तीव्रता और घने बादलों के कारण दिन में ही ऐसा नजारा बन गया मानो रात हो गयी हो. घने काले बादलों ने आसमान को ढक लिया और हर तरफ अंधेरा पसर गया. बारिश से भींगी सड़कों पर वाहनों की हेडलाइट ही रोशनी की सहारा बनी. तेज आंधी और बारिश के बीच सबसे बड़ी समस्या बिजली की कटौती रही. तेज हवाओं के कारण बिजली के तार टूटने या पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गयी. खबर लिखे जाने तक गांव के सभी हिस्से में अंधेरा बना हुआ है और लोग मोमबत्तियों और टॉर्च के सहारे वक्त काट रहे है. विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मौसम ठीक होने के बाद मरम्मत का काम शुरू किया जायेगा. मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव की समस्या पैदा हो गयी है. जिससे आवाजाही मुश्किल हो गयी है. दफ्तरों से घर लौट रहे लोग इस अचानक आये बारिश में फंस गये.झोंपड़ी पर बरगद गिरने से वृद्ध की मौत, गांव में मचा हड़कंप
बेलसर थाना क्षेत्र के मनोरा पंचायत अंतर्गत उफरौल गांव में सोमवार की शाम आयी तेज आंधी और बारिश ने एक परिवार पर कहर बरपा दिया.
