hajipur news. बाल विवाह एक सामाजिक बुराई, सामाजिक प्रयास से करना होगा खत्म : अवर न्यायाधीश

हाजीपुर सिवल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के आशा स्कीम के तहत बाल विवाह मुक्त भारत बनाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया

हाजीपुर. हाजीपुर सिवल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के आशा स्कीम के तहत बाल विवाह मुक्त भारत बनाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार विजय आनंद तिवारी के निर्देश पर आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार रितु कुमारी एवं जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के डायरेक्टर सह सचिव स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान सुधीर कुमार शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर अवर न्यायाधीश ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है. इसे सामूहिक प्रयास से खत्म किया जा सकता है. उन्होंने मल्टी सेक्टोरल अप्रोच के तहत प्रत्येक विभाग को एक मंच पर आने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, छात्र, शिक्षक, पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े लोग, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग एक मंच पर आकर इस सामाजिक बुराई को खत्म करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है. जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के डायरेक्टर सुधीर कुमार शुक्ला ने कहा कि अभी भी भारत में 23.4 परसेंट लड़कियों की शादी बाल विवाह होती है. जबकि यहीं आंकड़ा बिहार में 40 % के करीब है. बाल विवाह होने से लड़कियों की शिक्षा बाधित होती है तथा उसके रोजगार के अवसर बंद होते हैं. वह मानसिक रूप से दुर्बल हो जाती है तथा उसके स्वास्थ्य पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है. कार्यक्रम का आयोजन जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.

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