हाजीपुर (वैशाली). हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-22 पर अपराधियों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी है. काजीपुर थाना क्षेत्र स्थित राय वीरेंद्र कॉलेज के समीप थाथन मार्ग पर बाइक सवार दो हथियारबंद बदमाशों ने पिस्तौल के बल पर एक बस चेकर को अपना शिकार बनाया. लुटेरों ने जान से मारने की धमकी देकर पीड़ित से 10 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन छीन लिया और बड़ी आसानी से फरार हो गए. इस सनसनीखेज वारदात से हाईवे पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
अपाचे सवार बदमाशों ने घेरा रास्ता
पीड़ित बस चेकर धर्मेंद्र सिंह (निवासी कुतुबपुर) ने काजीपुर थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है. पीड़ित के मुताबिक, वह राय वीरेंद्र कॉलेज के पास से थाथन जाने वाले रास्ते से गुजर रहे थे. इसी दौरान अपाचे आरटीआर बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने अचानक उनकी बाइक के आगे अपनी गाड़ी लगाकर रास्ता रोक लिया. इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, एक बदमाश ने उनकी कनपटी पर पिस्तौल सटा दी.
गोली मारने की धमकी देकर लूटी नकदी
बदमाशों ने हथियार के बल पर धमकाते हुए कहा कि "चुपचाप रुपया और मोबाइल निकालो, अगर जरा भी शोर मचाया तो सीधे गोली मार देंगे." जान पर बन आई देख पीड़ित सहम गए और उन्होंने अपनी जेब में रखे 10 हजार रुपये नकद व मोबाइल फोन बदमाशों के हवाले कर दिया. सामान हाथ लगते ही दोनों लुटेरे हथियार लहराते हुए मुख्य सड़क की ओर भाग निकले.
डायल 112 की गाड़ी में सोते रहे पुलिसकर्मी
वारदात के बाद पीड़ित ने स्थानीय पुलिस और गश्ती व्यवस्था पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि जिस स्थान पर उन्हें लूटा गया, उससे महज कुछ ही दूरी पर डायल 112 की पुलिस वैन खड़ी थी. आरोप है कि पुलिस वाहन की बत्ती बंद थी और भीतर तैनात कर्मी गहरी नींद में सो रहे थे. यदि गश्ती दल मुस्तैद रहता, तो शायद बदमाश वारदात को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते और पकड़े जाते.
अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज
घटना की जानकारी मिलते ही काजीपुर थाना पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की. पुलिस ने पीड़ित का बयान दर्ज कर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. एनएच-22 और आसपास के ढाबों व दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि अपाचे सवार लुटेरों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द दबोचा जा सके.
