hajipur news. कार पलटने से चालक व बाइक सवार अधिवक्ता की हुई मौत

हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच 22 पर एकारा ओवरब्रिज पर शनिवार की दोपहर हाजीपुर की ओर से जा रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरात हुए दूसरे लेन से नीचे जा गिरी

हाजीपुर/गोरौल. हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच 22 पर एकारा ओवरब्रिज पर शनिवार की दोपहर हाजीपुर की ओर से जा रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरात हुए दूसरे लेन से नीचे जा गिरी. अनियंत्रित कार के पलटने के दौरान उसकी चपेट में आकर दूसरी लेन से हाजीपुर आ रहे बाइक सवार अधिवक्ता की मौत हो गयी. इस घटना में कार सवार एक युवक की भी मौत हो गयी, जबकि कार पर सवार एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया. मृतकों की पहचान बाइक सवार अधिवक्ता करीब 50 वर्षीय कौशल किशोर सिंह उर्फ पप्पू सिंह के रूप में हुई. वे गोरौल थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव निवासी राम जतन सिंह के पुत्र थे. वे शनिवार को हाजीपुर बार एसोसिएशन के चुनाव में वोटिंग करने आ रहे थे. वहीं, मृतक कार चालक 22 वर्षीय विशाल कुमार उर्फ गोलू हाजीपुर स्टेशन चौक निवासी मनोज पासवान का पुत्र बताया गया है. इस घटना में जख्मी कार सवार पासवान चौक वार्ड नंबर 25 के विनोद प्रसाद के पुत्र नितेश राज का शहर के एक नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है. घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. बताया जाता है कि दिवंगत अधिवक्ता घर से यह कहकर निकले थे कि वोट देकर जल्द लौट आएंगे, लेकिन लगभग आधे घंटे बाद परिजनों को उनकी मौत की सूचना मिली. सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया.

रात में हुई थी भतीजी की शादी, हादसे ने छीन ली खुशियां

गोरौल थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव में शुक्रवार को अधिवक्ता कौशल किशोर सिंह के छोटे भाई मुकेश सिंह की पुत्री की शादी हुई थी. परिवार में शहनाइयों की गूंज थी, लेकिन शनिवार सुबह सब कुछ बदल गया. बेटी की विदाई के बाद कौशल किशोर सिंह घर से कोर्ट जाने के लिए निकले थे, लेकिन कुछ ही समय में उनका शव गांव पहुंच गया. शादी की खुशियां मातम में बदल गयी. मृतक के 85 वर्षीय पिता राम जतन सिंह और 80 वर्षीय मां शकुंतला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. पुत्र की अर्थी देखकर पिता गहरे सदमे में हैं, जबकि मां बेसुध होकर अपने भाग्य को कोस रही हैं. मृतक की पत्नी शशिकला देवी भी सदमे में हैं और किसी से कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं हैं. परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. कौशल किशोर सिंह अपने पीछे दो पुत्र भी छोड़ गए हैं. गांव में हर किसी की आंखें नम हैं और लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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