हाजीपुर में किसानों को सिखाये गये खेती के तरीके, डीएम ने बांटे मृदा स्वास्थ्य कार्ड और जैविक उत्पाद

Hajipur Farmer Training : हाजीपुर प्रखंड में किसानों को खरीफ फसलों, मोटे अनाज, दलहन, तेलहन और मौसमी सब्जियों की उन्नत खेती की जानकारी देने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में मृदा स्वास्थ्य कार्ड और जैविक खेती से जुड़े उत्पाद भी किसानों को वितरित किए गए.

Hajipur Farmer Training : हाजीपुर प्रखंड के चकुन्दा उर्फ मिल्की पंचायत में किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कृषि विभाग और आत्मा की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत आयोजित कार्यक्रम में किसानों को खरीफ फसलों, मोटे अनाज, दलहन, तेलहन और मौसमी सब्जियों की उन्नत खेती की जानकारी दी गयी. इस दौरान मृदा स्वास्थ्य कार्ड और जैविक खेती से जुड़े उत्पाद भी किसानों को वितरित किये गये.

पंचायत स्तर पर आयोजित हुआ किसान प्रशिक्षण

चकुन्दा उर्फ मिल्की पंचायत में कृषि विभाग और आत्मा के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन हाजीपुर विधायक अवधेश सिंह और जिला पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से किया. प्रशिक्षण में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेती से जुड़ी उपयोगी और वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी.

किसानों को डीएम ने सौंपा मृदा स्वास्थ्य कार्ड

खरीफ फसलों की उन्नत खेती पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को खरीफ मौसम की प्रमुख अन्न फसलों के साथ मोटे अनाज, दलहन, तेलहन और मौसमी सब्जियों की उन्नत खेती के बारे में बताया गया. कृषि विशेषज्ञों ने बेहतर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने की जानकारी दी.

जैविक और प्राकृतिक खेती की दी जानकारी

किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के तरीकों से भी अवगत कराया गया. जैविक खाद के इस्तेमाल, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन और मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गयी. कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हासिल करने के उपाय भी किसानों को बताए गये.

बांटे गये मृदा स्वास्थ्य कार्ड

कार्यक्रम के दौरान विधायक अवधेश सिंह और जिला पदाधिकारी ने किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड और जैविक खेती के उत्पाद वितरित किये. मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसानों को अपनी मिट्टी की स्थिति के अनुसार खेती और पोषक तत्व प्रबंधन में मदद मिल सकती है.

प्रशिक्षण लेते किसान

आधुनिक तकनीक अपनाने से कम होगी लागत

विधायक अवधेश सिंह ने कहा कि आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाना जरूरी है. उन्होंने प्राकृतिक और कम लागत वाली खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया. उनके अनुसार, इससे खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

पंचायत स्तर के प्रशिक्षण को बताया उपयोगी

विधायक ने कहा कि पंचायत स्तर पर होने वाले ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को नयी तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण मिलने से किसानों को अपनी खेती से जुड़े विषयों पर सीधे विशेषज्ञों से जानकारी लेने का अवसर मिलता है.

टिकाऊ खेती अपनाने की अपील

जिला पदाधिकारी ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन और उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना जरूरी है. उन्होंने मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखने पर भी जोर दिया.

स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर

जिला पदाधिकारी ने कहा कि उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और स्थानीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से किसान कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

कृषि विशेषज्ञ और किसान रहे मौजूद

कार्यक्रम में कृषि विभाग और आत्मा के पदाधिकारी, कृषि विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे. प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को खेती में नई तकनीकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया.

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By कैफ अहमद

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